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राहुल गांधी का तीखा हमला: ‘ECI के खिलाफ विपक्ष के दबाव से गिर सकती है सरकार’

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नई दिल्ली 10 अक्टूबर 2026 : लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया (ECI) के खिलाफ विपक्ष का विरोध प्रदर्शन सरकार की गहरी समस्याओं को उजागर करता है। संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में इंडिया ब्लॉक के सांसदों को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया कि यदि अगले कुछ दिनों तक इसी तरह दबाव बनाए रखा गया, तो यह सरकार गिर सकती है।

राहुल गांधी ने कहा कि यह मुद्दा केवल चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार तक सीमित नहीं है, बल्कि समस्या इससे कहीं अधिक गहरी है। उन्होंने चीफ इलेक्शन कमिश्नर पर चुने हुए प्रतिनिधियों से मिलने से इनकार करने का आरोप लगाया और उन्हें एक ‘सर्विस प्रोवाइडर’ करार दिया। ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए राहुल गांधी ने जवाहरलाल नेहरू के 14 अगस्त, 1947 को दिए गए प्रसिद्ध ‘ट्रिस्ट विद डेस्टिनी’ भाषण के अंश भी उद्धृत किए।

यह राजनीतिक विवाद वोटर रोल के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और चुनाव आयोग पर लग रहे भेदभाव के आरोपों के बीच गरमाया है। INDIA ब्लॉक और अन्य विपक्षी दलों का आरोप है कि ड्राफ्ट-रोल स्टेज के दौरान 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि 13.39 करोड़ मतदाताओं को नियमानुसार अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लीकेट (ASD) श्रेणी के तहत फ्लैग किया गया था और सभी निर्णय पूरी जांच-पड़ताल व सर्वसम्मति से लिए गए हैं।

विपक्ष ने इस मुद्दे पर अपना राष्ट्रव्यापी अभियान तेज कर दिया है और चीफ इलेक्शन कमिश्नर के इस्तीफे की मांग को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात की है।