नई दिल्ली 10 अक्टूबर 2026 Kamal Haasan : अभिनेता और राज्यसभा सांसद कमल हासन ने अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क के उस बयान पर तीखा पलटवार किया है, जिसमें उन्होंने भारत में स्टारलिंक को लाइसेंस मिलने में देरी पर सवाल उठाए थे और उद्योगपति मुकेश अंबानी के प्रभाव की ओर इशारा किया था। कमल हासन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कोई भी अरबपति किसी देश की नीति तय नहीं कर सकता, चाहे वह भारतीय हो या अमेरिकी।

X (ट्विटर) पर जारी एक लंबे बयान में कमल हासन ने कहा कि भारत को सैटेलाइट इंटरनेट क्षेत्र में भारतीय और वैश्विक प्रदाताओं की प्रतिस्पर्धा का स्वागत करना चाहिए। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि यह सेवा दूर-दराज के क्षेत्रों के लिए व्यावहारिक और किफायती होनी चाहिए। अधिक सब्सक्रिप्शन शुल्क और उपकरणों की ऊंची लागत आम लोगों की पहुंच को प्रभावित कर सकती है, इसलिए कनेक्टिविटी से डिजिटल खाई पटनी चाहिए, नई खाई नहीं बननी चाहिए।
कमल हासन ने स्पेक्ट्रम और नेटवर्क को रणनीतिक अवसंरचना बताते हुए कहा कि भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने पश्चिमी देशों के दोहरे मापदंडों की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने घरेलू उद्योग को बचाने के लिए चीनी इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) पर 100% टैरिफ लगाता है और सुरक्षा कारणों से हुआवेई पर प्रतिबंध लगाता है। ऐसे में पश्चिमी देश स्वयं संरक्षणवाद अपनाकर दूसरों से मुक्त बाजार की मांग नहीं कर सकते।
इसके साथ ही कमल हासन ने देश की आंतरिक योजनाओं पर बात करते हुए भारतनेट परियोजना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक लोकतांत्रिक देश के रूप में भारत अपनी कमियों और शक्तियों पर internally बहस करेगा। CAG की 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, ₹39,888 करोड़ खर्च होने के बावजूद केवल 33.2% ग्राम पंचायतें ही क्रियाशील हैं, जिस पर सवाल उठाए जाएंगे। लेकिन साथ ही, उन्होंने भारतीय दूरसंचार क्षेत्र की भी सराहना की जिसने दुनिया का सबसे किफायती इंटरनेट डेटा उपलब्ध कराया है।
अंत में कमल हासन ने स्पष्ट किया कि भारत एक स्वतंत्र लोकतंत्र है, कोई उपनिवेश नहीं। देश का भविष्य केवल भारत की जनता तय करेगी, न कि कोई पश्चिमी स्वार्थी तत्व या अरबपति।
इससे पहले एलन मस्क ने आरोप लगाया था कि स्टारलिंक पिछले पांच सालों से भारत के सभी नियमों का पालन कर रही है और 165 से अधिक देशों में स्वीकृत है, फिर भी भारत में लाइसेंस न मिलना प्रतिस्पर्धा को रोकने का प्रयास है।



