रायगढ़ 3 अक्टूबर 2026 : छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के चक्रधरनगर थाना क्षेत्र में पुलिस कांस्टेबल के पद पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर 11.30 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक और आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। फरार चल रहे आरोपी अमन यादव ने पुलिस के बढ़ते दबाव के बाद न्यायालय में सरेंडर कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।

इस बहुचर्चित ठगी मामले में दो अन्य आरोपी—किरोड़ीमल शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय की प्रोफेसर उत्तरा सिदार और संजू यादव—को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
फर्जी नियुक्ति पत्र दिखाकर दिया था झांसा मामला 25 अक्टूबर 2025 को सामने आया था, जब अलेन किड़ो ने चक्रधरनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि आरोपियों ने उनके भतीजे राहुल किड़ो को पुलिस विभाग में कांस्टेबल की नौकरी दिलाने का लालच देकर 11 लाख 30 हजार रुपये ऐंठ लिए। पीड़ित को भरोसे में लेने के लिए आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज और फर्जी नियुक्ति पत्र भी दिखाए थे।
किश्तों में ली गई ठगी की रकम पीड़ित के अनुसार, शुरुआत में प्रोफेसर उत्तरा सिदार ने 50 हजार रुपये की मांग की, जिसमें से 30 हजार रुपये उत्तरा सिदार और 20 हजार रुपये संजू यादव को दिए गए। आरोपियों ने दावा किया कि यह रकम रायपुर निवासी विकास सिदार को दी जानी है, जो नौकरी लगवाएगा। इसके बाद पीड़ित से विकास सिदार और उसके अन्य साथियों के बैंक खातों में अलग-अलग किश्तों में पूरी रकम जमा करा ली गई।
खाता मुहैया कराने के एवज में मिली थी रकम मामले में धारा 420 (धोखाधड़ी), 468 (जालसाजी) और 34 (समान नीयत) के तहत अपराध दर्ज कर पुलिस लगातार फरार आरोपियों की तलाश कर रही थी। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपी अमन यादव ने स्वीकार किया कि उसने उत्तरा सिदार और संजू यादव के कहने पर ठगी का पैसा प्राप्त करने के लिए अपना बैंक खाता उपलब्ध कराया था, जिसके बदले उसे हिस्सा देने का वादा किया गया था।



