नई दिल्ली 3 अक्टूबर 2026 Education News : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा 2027 की तैयारी कर रहे छात्रों, उनके अभिभावकों और शिक्षकों के बीच पासिंग मार्क्स को लेकर बना असमंजस अब खत्म हो गया है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि कक्षा 10वीं के पासिंग क्राइटेरिया (Passing Criteria) में कोई बदलाव नहीं किया गया है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 में भी वही व्यवस्था लागू रहेगी, जो 2025-26 के सत्र में प्रभावी थी।

पिछले कुछ दिनों से यह अफवाह और भ्रम की स्थिति थी कि छात्रों को बोर्ड परीक्षा और इंटरनल असेसमेंट (Internal Assessment) दोनों में अलग-अलग 33 प्रतिशत अंक लाने होंगे। इससे उन छात्रों की चिंता बढ़ गई थी जिनका कोई एक हिस्सा कमजोर था। हालांकि, CBSE के हालिया स्पष्टीकरण से लाखों छात्रों को राहत मिली है।
अलग-अलग 33% अंक लाना अनिवार्य नहीं
CBSE के नियमों के अनुसार, कक्षा 10 के छात्रों को पास होने के लिए थ्योरी और इंटरनल असेसमेंट में अलग-अलग 33 प्रतिशत अंक हासिल करने की जरूरत नहीं है।
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संयुक्त अंक (Combined Marks): किसी भी विषय में पास होने के लिए बोर्ड परीक्षा और इंटरनल असेसमेंट दोनों के अंकों को जोड़कर कुल मिलाकर (Aggregate) कम से कम 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करना आवश्यक होगा।
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उपस्थिति अनिवार्य: यद्यपि दोनों हिस्सों में अलग-अलग 33% का नियम नहीं है, फिर भी छात्र को इंटरनल असेसमेंट और मुख्य बोर्ड परीक्षा दोनों में शामिल होना और उनकी प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य होगा।
अंक विभाजन और 80-20 का फॉर्मूला
कक्षा 10वीं के मुख्य विषयों के लिए परीक्षा का ढांचा इस प्रकार रहेगा:
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मुख्य बोर्ड परीक्षा (थ्योरी): 80 अंक
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इंटरनल असेसमेंट: 20 अंक
छात्र के अंतिम परिणाम का निर्धारण इन दोनों हिस्सों के अंकों को जोड़कर किया जाएगा।
इसके विपरीत, कक्षा 12वीं के लिए नियम अलग हैं। जहां प्रैक्टिकल लागू होते हैं, वहां कक्षा 12 के छात्रों को थ्योरी और प्रैक्टिकल/इंटरनल असेसमेंट दोनों में अलग-अलग 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य होता है।
नए सिलेबस और वेबिनार से बढ़ा था भ्रम
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, CBSE द्वारा सत्र 2026-27 के लिए जारी किए गए नए सेकेंडरी स्कूल करिकुलम (Secondary School Curriculum) में प्रयुक्त भाषा के कारण यह भ्रम पैदा हुआ था।
हाल ही में CBSE मुख्यालय द्वारा ‘रजिस्ट्रेशन और एलओसी (LOC)’ से जुड़े विषय पर आयोजित एक वेबिनार में भी यह मुद्दा उठा। सोनीपत के एक निजी स्कूल के शिक्षक द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में CBSE अधिकारी ने स्पष्ट किया कि कक्षा 10वीं के लिए संयुक्त रूप से 33% अंक का पुराना नियम ही लागू रहेगा। अधिकारी ने बताया कि कक्षा 10 में अलग-अलग पासिंग मार्क्स का प्रस्ताव पहले विचाराधीन था, लेकिन उसे वापस ले लिया गया था।
प्रश्नपत्र के पैटर्न में भी कोई बदलाव नहीं
CBSE ने अपने संबद्ध (Affiliated) स्कूलों के प्रमुखों को जारी सूचना में यह भी स्पष्ट कर दिया है कि सत्र 2026-27 में कक्षा 10 और 12 के प्रश्नपत्रों के डिज़ाइन और असेसमेंट पैटर्न में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
बोर्ड द्वारा जारी किए गए सैंपल क्वेश्चन पेपर (Sample Question Papers) और मार्किंग स्कीम पुरानी शैली पर ही आधारित हैं। बोर्ड का मुख्य ध्यान रटने की प्रवृत्ति के बजाय छात्रों की वैचारिक समझ (Conceptual Understanding) और उनके व्यावहारिक ज्ञान को परखने पर केंद्रित रहेगा।



