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कोरबा PMAY-G घोटाला: 48 अपात्रों व मृत लोगों के नाम पर बंटी किस्तें; तकनीकी सहायक बर्खास्त, 6 पर FIR

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कोरबा 1अक्टूबर2026  PMAYG Scam। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) में कोरबा जिले की तिलकेजा ग्राम पंचायत में हुए बड़े फर्जीवाड़े के सामने आने के बाद पंचायत महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले में उरगा पुलिस द्वारा 6 आरोपियों पर FIR दर्ज किए जाने के बाद अब विभागीय कार्रवाई भी तेज हो गई है। जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन ने तिलकेजा पंचायत के तकनीकी सहायक अभिषेक चौरसिया की संविदा सेवा समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया है।

जांच समिति की रिपोर्ट के बाद बर्खास्तगी

जिला पंचायत सीईओ द्वारा 30 सितंबर 2026 को जारी आदेश के अनुसार, तिलकेजा पंचायत में PMAY-G में गड़बड़ी की शिकायतों पर एक जांच समिति गठित की गई थी। समिति की रिपोर्ट में तकनीकी सहायक पर लगे आरोप सिद्ध पाए गए। आरोपी को सुनवाई का मौका दिया गया था, लेकिन उनका जवाब असंतोषजनक रहा। इसके बाद छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (संविदा नियुक्ति) नियम, 2012 के तहत अभिषेक चौरसिया को बर्खास्त कर दिया गया।

मृत व्यक्तियों के नाम पर भी निकाली गई राशि

यह मामला बेहद गंभीर इसलिए है क्योंकि विभागीय जांच में 48 अपात्र हितग्राहियों को गलत तरीके से आवास स्वीकृत किए जाने की पुष्टि हुई है। चौंकाने वाली बात यह है कि फर्जीवाड़े में मृत व्यक्तियों के नाम पर भी आवास की किस्तें जारी की गईं और उनकी राशि का आहरण कर लिया गया।

इन 6 लोगों पर दर्ज हो चुकी है FIR

उरगा थाना पुलिस ने इस मामले में पहले ही 6 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है:

  1. देवानंद श्रीवास (विकासखंड समन्वयक)

  2. अभिषेक चौरसिया (तकनीकी सहायक)

  3. ध्रुव कुमार साहू (डाटा एंट्री ऑपरेटर)

  4. धनंजय पटेल (कंप्यूटर ऑपरेटर)

  5. रामेश्वरी कैवर (आवास मित्र)

  6. नमिता दुबे (पंचायत सचिव)

उठ रहे कई गंभीर सवाल, बढ़ सकती है जांच की आंच

तकनीकी सहायक पर हुई कार्रवाई के बाद अब यह चर्चा तेज है कि क्या गाज सिर्फ एक कर्मचारी पर गिरेगी या पूरी प्रक्रिया से जुड़े अन्य वरिष्ठ अधिकारियों-कर्मचारियों की जवाबदेही तय होगी? पुलिस और विभाग अब इन मुख्य बिंदुओं पर जांच कर रहे हैं:

  • 48 अपात्रों का चयन किस स्तर पर मंजूर हुआ?

  • मृत व्यक्तियों के नाम पर फाइल किसने तैयार की और डेटा किसने अपलोड किया?

  • भौतिक सत्यापन (Physical Verification) अधिकारी कौन थे?

  • सरकारी राशि किन-किन बैंक खातों में ट्रांसफर हुई और उसे किसने निकाला?

पुलिस द्वारा बैंक खातों के ट्रांजैक्शन और डिजिटल डेटा खंगालने के बाद आने वाले दिनों में कुछ और बड़े चेहरों पर शिकंजा कसने की संभावना है।