Latest News
महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल: क्या फिर एक होंगे उद्धव और शिंदे? एक नेता के बयान से सियासी पारे में उबाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एकता नगर में सरदार पटेल की जयंती पर देश को किया संबोधित, कहा- भारत अब रुकने वाला नहीं छत्तीसगढ़ ने खोया एक जनप्रिय नेता: अहिवारा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा राजकीय सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन CM उमर अब्दुल्ला और वरिष्ठ पत्रकार निधि राजदान बंधे शादी के बंधन में, सोशल मीडिया पर तस्वीरें शेयर कर दी खुशखबरी रामलीला मैदान रैली: राहुल गांधी ने मिंटो रोड से अजमेरी गेट तक पैदल यात्रा का किया आह्वान, दिल्ली पुलिस बोली– ‘नहीं मांगी गई मार्च की अनुमति’ छत्तीसगढ़ में अनोखा मामला: DEO ने थाना प्रभारी को थमाया नोटिस, 7 साल तक जेल में बंद रहा शिक्षक और विभाग को भनक तक नहीं लगी!
Home » राजनीति » लोकसभा में राहुल गांधी पर संकट: अनुराग ठाकुर ने दिया विशेषाधिकार हनन का नोटिस, जानिए पूरा मामला

लोकसभा में राहुल गांधी पर संकट: अनुराग ठाकुर ने दिया विशेषाधिकार हनन का नोटिस, जानिए पूरा मामला

Share:

नई दिल्ली 31 जुलाई Indian Politics  : लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी एक बार फिर बड़े राजनीतिक और कानूनी विवाद में घिरते नजर आ रहे हैं। बीजेपी सांसद और पूर्व कैबिनेट मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने उनके खिलाफ लोकसभा में विशेषाधिकार हनन (Breach of Privilege) का नोटिस दिया है। यह नोटिस 30 जुलाई 2026 को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को सौंपा गया है, जिसमें 29 जुलाई 2026 को सदन की कार्यवाही के दौरान राहुल गांधी के आचरण और बयानों को आधार बनाया गया है।

अनुराग ठाकुर के मुख्य आरोप और नियमों का उल्लंघन

अनुराग ठाकुर ने अपने नोटिस में मुख्य रूप से लोकसभा के दो अहम नियमों के उल्लंघन का हवाला दिया है:

  • रूल 352 का उल्लंघन (असंसदीय भाषा): अनुराग ठाकुर का आरोप है कि राहुल गांधी ने सदन में एक छात्र के साथ बातचीत का हवाला देते हुए नागरिकों के एक वर्ग के लिए ‘इडियट’ और ‘अंधभक्त’ जैसे अपमानजनक और असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल किया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के ऐतराज और चेयर (अध्यक्ष) की स्पष्ट चेतावनी के बाद भी इन विवादित शब्दों को दोहराया गया, जो सीधे तौर पर नियम 352 के खिलाफ है।

  • रूल 353 का उल्लंघन (बिना नोटिस आरोप): नोटिस में कहा गया है कि राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर बिना किसी अग्रिम नोटिस और बिना किसी दस्तावेजी सबूत के गंभीर आरोप लगाए। अनुराग ठाकुर के अनुसार, यह नियम 353 और फेयरनेस के बुनियादी सिद्धांतों का सीधा उल्लंघन है।

बीजेपी की प्रमुख मांगें

  • शब्दावली को रिकॉर्ड से हटाना: नियम 380 और 381 के तहत राहुल गांधी के इन आपत्तिजनक शब्दों को सदन की आधिकारिक कार्यवाही (रिकॉर्ड) से पूरी तरह बाहर करने की मांग की गई है।

  • सार्वजनिक माफी: अनुराग ठाकुर ने मांग की है कि राहुल गांधी को सदन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए।

  • विशेषाधिकार समिति को भेजा जाए मामला: पूरे मामले की विस्तृत जांच के लिए इसे विशेषाधिकार समिति के पास भेजने का अनुरोध किया गया है।

latest news