रायपुर, 09 जुलाई। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के लाखों शासकीय कर्मचारियों को प्रभावित करने वाला एक बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने पदोन्नति (Promotion) और समयमान वेतनमान (Time Scale Pay) की व्यवस्था में व्यापक बदलाव करते हुए नई गाइडलाइन जारी की है।
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वित्त विभाग के सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति की अनुशंसा पर लिए गए इस निर्णय के तहत कई पुरानी विशेष प्रमोन्नति योजनाएं समाप्त कर दी जाएंगी।
📅 1 अप्रैल 2026 के बाद नियुक्त होने वाले कर्मचारियों के लिए नियम
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केवल एक योजना का लाभ: 1 अप्रैल 2026 या उसके बाद नियुक्त होने वाले सभी शासकीय कर्मचारियों पर केवल वित्त विभाग की समयमान वेतनमान योजना लागू होगी।
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विशेष योजनाएं बंद: इन नए कर्मचारियों को सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा संचालित किसी भी विशेष प्रमोन्नति योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
⏱️ वर्तमान कर्मचारियों को मिला विकल्प (31 मार्च 2026 तक नियुक्त)
सरकार ने वर्तमान में कार्यरत कर्मचारियों को राहत देते हुए दोनों योजनाओं में से किसी एक को चुनने का विकल्प दिया है:
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विकल्प का चयन: कर्मचारी अपनी इच्छानुसार ‘प्रमोन्नति वेतनमान’ या ‘समयमान वेतनमान’ में से किसी एक को चुन सकते हैं।
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अपरिवर्तनीय निर्णय: ध्यान रहे कि एक बार चुना गया विकल्प अंतिम और अपरिवर्तनीय (Irrevocable) होगा। भविष्य के सभी उच्चतर वेतनमान इसी चयन के आधार पर तय होंगे।
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समय सीमा: पात्र कर्मचारियों को आदेश जारी होने की तारीख से एक महीने के भीतर अपने सक्षम प्राधिकारी के सामने विकल्प प्रस्तुत करना होगा।
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तय समय पर निर्णय न लेने पर: यदि कोई कर्मचारी तय समय में विकल्प नहीं चुनता है, तो उसे स्वतः ही पुरानी प्रमोन्नति योजना में बने रहने वाला मान लिया जाएगा।
🚫 इन विशेष प्रमोन्नति योजनाओं पर लगेगा विराम
31 मार्च 2026 के बाद सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा संचालित निम्नलिखित विशेष योजनाएं समाप्त हो जाएंगी:
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शिक्षकों की द्वितीय क्रमोन्नति योजना।
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सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारियों की प्रमोन्नति योजना।
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उप अभियंताओं (Sub Engineers) की विशेष प्रमोन्नति व्यवस्था।
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वन विभाग के वनक्षेत्रपालों की प्रमोन्नति योजना।
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अन्य विभिन्न संवर्गों के लिए जारी विशेष प्रमोन्नति आदेश।
कड़ाई से पालन के निर्देश: सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागाध्यक्षों, संभागीय आयुक्तों, जिला कलेक्टरों और जिला पंचायतों के सीईओ को इन नियमों का कड़ाई से पालन करने और कर्मचारियों के विकल्पों को उनके सेवा अभिलेख (Service Record) में दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।




