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कोरबा: SECL कुसमुंडा खदान में श्रमिक की मौत पर भड़की छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना, FIR और मुआवजे की मांग

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मुख्य बिंदु:

  • मामला: एसईसीएल (SECL) कुसमुंडा खदान में श्रमिक प्रेम सिंह ध्रुव की संदिग्ध मौत।

  • आरोप: छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने प्रबंधन पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी और गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया।

  • मांग: जिम्मेदार अधिकारियों पर FIR, उचित मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को स्थाई नौकरी देने की मांग।

कोरबा 8 जुलाई । एसईसीएल कुसमुंडा खदान में श्रमिक स्व. प्रेम सिंह ध्रुव की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला अब गरमा गया है। इस दर्दनाक हादसे को लेकर छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने आक्रोश जताते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) को ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने पूरे मामले की निष्पक्ष व उच्च स्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग की है।

प्रबंधन पर लापरवाही के गंभीर आरोप

छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना का सीधा आरोप है कि यह हादसा कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि एसईसीएल प्रबंधन की गंभीर लापरवाही और सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ाने का नतीजा है। संगठन के नेताओं का कहना है कि यदि खदान में सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन किया गया होता, तो एक श्रमिक को अपनी जान नहीं गंवानी पड़ती।

मुख्य प्रबंधक और सुरक्षा विभाग जांच के दायरे में हों

ज्ञापन में मांग की गई है कि:

  • प्रथम दृष्टया जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।

  • मुख्य प्रबंधक (Chief Manager) और सुरक्षा विभाग (Safety Department) से जुड़े अधिकारियों की भूमिका की गहन जांच हो।

पीड़ित परिवार के लिए न्याय और रोजगार की मांग

श्रमिक की असमय मौत से पीड़ित परिवार के सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है ताकि:

  1. मृतक के परिजनों को उचित और सम्मानजनक मुआवजा मिले।

  2. परिवार के एक सदस्य को योग्यता के अनुसार स्थाई रोजगार (नौकरी) दी जाए।

आगे क्या? छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के इस कड़े रुख के बाद अब इस पूरे मामले पर पुलिस और जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। खदान श्रमिकों के बीच भी इस घटना को लेकर भारी असंतोष है।

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