जनजीवन अस्त-व्यस्त, मुख्यमंत्री ने दिए तत्काल राहत के निर्देश
लखनऊ 30 मई : उत्तर प्रदेश में एक नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से मौसम ने ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि पूरे राज्य में तबाही मच गई है। गुरुवार देर रात अचानक बदले मौसम के बाद आई तेज़ आंधी, भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में अब तक 31 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। इस प्राकृतिक आपदा में सैकड़ों पेड़ उखड़ गए, कई कच्चे मकान ढह गए और घरों की टीन की छतें हवा में उड़ गईं।
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बुंदेलखंड में सबसे भारी तबाही, चित्रकूट में पक्षियों पर आफत
प्राप्त जानकारी के अनुसार इस आपदा का सबसे क्रूर चेहरा बुंदेलखंड क्षेत्र में देखने को मिला, जहाँ अकेले 15 लोगों की जान चली गई। इसके अलावा, चित्रकूट से एक बेहद भावुक करने वाली खबर सामने आई है, जहाँ तेज़ तूफान और भारी बारिश के कारण लगभग 500 तोतों की मौत हो गई। स्थानीय निवासियों के अनुसार, पेड़ गिरने की वजह से पक्षियों के इन झुंडों को भारी नुकसान पहुँचा।
ज़िलेवार जनहानि का विवरण:
| क्षेत्र/ज़िला | मौतों की संख्या | मुख्य कारण |
|---|---|---|
| बुंदेलखंड (कुल) | 15 | बिजली और पेड़ गिरना |
| हमीरपुर | 06 | बिजली और पेड़ गिरना |
| कौशांबी | 04 | दीवार और पेड़ गिरना |
| बांदा | 03 | आकाशीय बिजली |
| महोबा, उरई (जालौन), सहारनपुर, देवरिया | 02-02 (प्रत्येक) | विभिन्न हादसे |
| प्रतापगढ़, अंबेडकरनगर, बलिया, महाराजगंज, मथुरा, उन्नाव, फतेहपुर, रामपुर, रायबरेली, आज़मगढ़, भदोही, आगरा | 01-01 (प्रत्येक) | मलबे में दबना/बिजली |
जनजीवन अस्त-व्यस्त, मुख्यमंत्री ने दिए तत्काल राहत के निर्देश
सहारनपुर के पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के बाद पानी का तेज़ बहाव मैदानी इलाकों में आ गया, जिससे जनजीवन पूरी तरह ठप हो गया है। राजधानी लखनऊ सहित राज्य के कई हिस्सों में भारी ओलावृष्टि हुई है और बिजली के खंभे गिरने से कई इलाकों में ब्लैकआउट (बिजली गुल) की स्थिति है।
मुख्यमंत्री का एक्शन: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बेमौसम आपदा का तत्काल संज्ञान लिया है। उन्होंने प्रभावित ज़िलों के अधिकारियों को युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य चलाने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने साफ कहा है कि पीड़ित परिवारों को बिना किसी देरी के हर संभव आर्थिक और चिकित्सकीय सहायता पहुंचाई जाए।
मौसम विभाग की चेतावनी: 2 जून तक सावधान रहने की ज़रूरत
लखनऊ मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, यह तबाही पश्चिमी विक्षोभ और तटीय क्षेत्रों से आ रही नम हवाओं के आपस में मिलने के कारण हुई है।
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हवा की रफ़्तार: लखनऊ, वाराणसी और प्रयागराज सहित 20 ज़िलों में हवा की रफ़्तार 100 किमी/घंटा तक दर्ज की गई। अगले दो दिनों में 80 से 90 किमी/घंटा की रफ़्तार से धूल भरी आंधी चलने का अनुमान है।
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आगे का पूर्वानुमान: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि राज्य में मौसम का यह खतरनाक रुख 2 जून तक बना रहेगा। हालांकि, 1 जून के बाद इसमें थोड़ी कमी आएगी और 3 व 4 जून को मौसम पूरी तरह शुष्क रहने की उम्मीद है।
मौसम विभाग ने लोगों को आंधी-तूफान के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने और पेड़ों या जर्जर इमारतों के नीचे आश्रय न लेने की सलाह दी है।








