Latest News
निजी स्कूलों की मनमानी पर छत्तीसगढ़ सरकार सख्त: 8% से ज्यादा फीस बढ़ाई तो होगी कार्रवाई, मुख्य सचिव ने जारी किए कड़े निर्देश : 🚩 ‘AAP’ का महा-विखंडन: राघव का ‘चक्रव्यूह’, बीजेपी में विलय और ‘गद्दारी’ के आरोप! औद्योगिक केंद्रों को मिलेगी नई रफ़्तार: NH-43 से सीधे जुड़ेंगे रायपुर-कोरबा और धनबाद छत्तीसगढ़: बिजली कर्मचारियों ने खोला मोर्चा, 1 मई से सांसदों और विधायकों के घर दस्तक देगी यूनियन बड़ा राजनीतिक उलटफेर: राघव चड्ढा ने छोड़ी ‘आप’, थामेंगे भाजपा का दामन एक ओर साय सरकार का ‘नारी वंदन’, दूसरी ओर कोरबा नगर निगम का ‘अपमान’: महिला दुकानदार को भीड़ ने घेरा , क्या यही है स्वच्छता जागरूकता अभियान
Home » छत्तीसगढ़ » औद्योगिक केंद्रों को मिलेगी नई रफ़्तार: NH-43 से सीधे जुड़ेंगे रायपुर-कोरबा और धनबाद

औद्योगिक केंद्रों को मिलेगी नई रफ़्तार: NH-43 से सीधे जुड़ेंगे रायपुर-कोरबा और धनबाद

Share:

रायपुर/कोरबा, 24 अप्रैल 2026

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राज्य की रजत जयंती पर जिस विकास की नींव रखी गई थी, वह अब धरातल पर दिखने लगी है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने पत्थलगांव-कुनकुरी से झारखंड सीमा तक (NH-43) ₹3,147 करोड़ की लागत वाली मेगा परियोजना का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया है।

Advt

व्यापार और रसद (Logistics) के लिए बनेगा ‘इकोनॉमिक कॉरिडोर’

कोरबा परियोजना इकाई के परियोजना निदेशक, डीडी पार्लावर ने इस प्रोजेक्ट की अहमियत बताते हुए कहा कि यह खंड रायपुर-धनबाद कॉरिडोर की असली ताकत है। इस राजमार्ग के तैयार होने से छत्तीसगढ़ के चार प्रमुख औद्योगिक स्तंभ—रायपुर, बिलासपुर, रायगढ़ और कोरबा—सीधे झारखंड के धनबाद से जुड़ जाएंगे। यह सीधा संपर्क कोयला खदानों और रांची व जमशेदपुर जैसे बड़े इस्पात संयंत्रों के बीच रसद परिवहन को न केवल सुगम बनाएगा, बल्कि समय और लागत में भी भारी कमी लाएगा।

जशपुर जिले की बदलेगी तकदीर

यह हाईवे जशपुर क्षेत्र के लिए एक ‘लाइफलाइन’ की तरह काम करेगा। पत्थलगांव, कांसाबेल, कुनकुरी, दुलदुला और जशपुर जैसे प्रमुख नगर इस कॉरिडोर के जरिए सीधे जुड़ेंगे। तेज और सुरक्षित कनेक्टिविटी से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और छोटे व्यापारियों को बड़ा बाजार मिलेगा।

तकनीकी मजबूती और सुरक्षा पर जोर

इस मार्ग को पूरी तरह से बाधा-रहित (Hassle-free) बनाने के लिए आधुनिक इंजीनियरिंग का सहारा लिया गया है। पूरे खंड में कुल 382 संरचनाओं का जाल बिछाया जा रहा है, जिसमें शामिल हैं:

  • पुल और फ्लाईओवर: 07 बड़े पुल, 30 छोटे पुल, 06 फ्लाईओवर और 01 एलीवेटेड वायडक्ट।

  • अंडरपास की सुविधा: स्थानीय लोगों और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए 10 वेहिकुलर अंडरपास (VUP), 18 लाइट वेहिकुलर अंडरपास (LVUP), और 21 पैदल यात्री अंडरपास (PUP) बनाए जा रहे हैं।

  • निकासी व्यवस्था: जलभराव की समस्या न हो, इसके लिए 278 बॉक्स पुलिया का निर्माण भी किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ में कॉरिडोर का सबसे बड़ा हिस्सा

उल्लेखनीय है कि 627 किलोमीटर लंबे रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर का सबसे महत्वपूर्ण भाग छत्तीसगढ़ से होकर गुजरता है। राज्य में इसकी कुल लंबाई लगभग 384 किलोमीटर है। वर्तमान में 104.250 किलोमीटर लंबे पत्थलगांव-झारखंड सीमा खंड पर काम ने रफ़्तार पकड़ ली है, जो जल्द ही पूरे क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर बदलने वाला है।


।।।

Leave a Comment