सक्ती 14 अप्रैल। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता थर्मल पावर प्लांट में हुए दुखद हादसे को लेकर राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। प्रदेश के श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने घटना पर संज्ञान लेते हुए तत्काल उच्चस्तरीय जाँच के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने स्पष्ट किया है कि श्रमिकों की सुरक्षा से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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दोषियों पर गिरेगी श्रम कानून की गाज
श्रम मंत्री ने कहा कि हादसे के लिए जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ श्रम कानूनों के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने प्रबंधन, ठेकेदार और सुपरवाइजर की भूमिका की गहन समीक्षा करने की बात कही है। देवांगन ने चेतावनी दी कि सुरक्षा मानकों में किसी भी स्तर की लापरवाही अक्षम्य होगी।
मुआवजे और बेहतर उपचार का आश्वासन
मंत्री देवांगन ने प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि:
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सभी घायलों को तत्काल और सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
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मृतकों के परिजनों को शासन के नियमानुसार शीघ्र मुआवजा प्रदान किया जाए।
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पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता सुनिश्चित की जाए।
जाँच के लिए विशेष टीम का गठन
हादसे की तकनीकी और सुरक्षा पहलुओं से पड़ताल के लिए एक विशेष टीम गठित की गई है। यह टीम मौके पर जाकर इस बात की जाँच करेगी कि प्लांट में सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन हो रहा था या नहीं। मंत्री ने कहा, “जाँच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे की असली वजह सामने आएगी और उसी के आधार पर अगली कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”
फिलहाल, राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी हैं। कुछ गंभीर रूप से घायल श्रमिकों को बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पतालों में रेफर किया गया है, जहाँ डॉक्टर उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
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