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छत्तीसगढ़ सियासत: क्या चैतन्य बघेल होंगे कांग्रेस के नए ‘चेहरे’? खरगे और प्रियंका से मुलाकात के बाद कयास तेज

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नई दिल्ली/रायपुर: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद सीधे दिल्ली पहुंचे। वहां उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी से मुलाकात की। इन मुलाकातों की तस्वीरें खुद भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर साझा की हैं।

मुलाकात और सियासी संकेत

तस्वीरों में चैतन्य बघेल, मल्लिकार्जुन खरगे को गुलदस्ता भेंट करते और प्रियंका गांधी के साथ चर्चा करते नजर आ रहे हैं। भूपेश बघेल ने इसे एक “शिष्टाचार भेंट और आशीर्वाद” बताया है, लेकिन राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह 2026 के अंत तक उनकी औपचारिक लॉन्चिंग की तैयारी हो सकती है।

बीजेपी का तीखा हमला

चैतन्य की सक्रियता पर बीजेपी ने ‘वंशवाद’ का कार्ड खेलते हुए तंज कसा है। बीजेपी प्रवक्ताओं का कहना है कि:

▪️कांग्रेस में जमीनी कार्यकर्ताओं के बजाय हमेशा वंशवाद को प्राथमिकता दी जाती है।

▪️एक और “दागी” चेहरा पार्टी में शामिल होने जा रहा है।

कांग्रेस का पलटवार

▪️बीजेपी के आरोपों पर पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने मोर्चा संभाला। उन्होंने कहा कि:

▪️बीजेपी केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर कांग्रेस नेताओं को फंसाने की साजिश रच रही है।

कांग्रेस नेता पूरी तरह ‘पाक-साफ’ हैं, जबकि असली दागी बीजेपी में बैठे हैं।

छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव भले ही 2028 में हों, लेकिन चैतन्य बघेल की दिल्ली दौड़ ने राज्य की राजनीति में समय से पहले ही सरगर्मी बढ़ा दी है।

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