Latest News
आंध्र प्रदेश के तट से टकराया भीषण चक्रवात ‘मुरासु’, 120 किमी/घंटा की रफ्तार से चल रही हवाएं; ओडिशा-पुडुचेरी में अलर्ट धीरेंद्र शास्त्री की राम-कृष्ण टिप्पणी पर गर्माई राजनीति: दिग्विजय बोले ‘मूर्ख’, बघेल का कटाक्ष- ‘रेबीज की जांच हो’ रायपुर: श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल ने पार किया 45 हजार बाल शल्य चिकित्सा का ऐतिहासिक आंकड़ा, मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने जताई खुशी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का रायपुर दौरा आज: ‘विकसित भारत संकल्प पार्क’ का करेंगे उद्घाटन,दौरे का पूरा मिनट-टू-मिनट शेड्यूल राज्योत्सव कार्यक्रम के दौरान एक पत्रकार के साथ मारपीट का मामला सामने आया, CAF आरक्षक निलंबित अरब सागर में भारतीय नौसेना का बड़ा पराक्रम: 48 घंटे के सुनियोजित रेस्क्यू ऑपरेशन में मछली पकड़ने वाले जहाज ‘अजिनी’ और 20 क्रू मेंबर्स सुरक्षित मुक्त
Home » Uncategorized » गणतंत्र दिवस परेड में राहुल गांधी की सीट पर ‘रणारोर’: तीसरी पंक्ति में बैठने पर भड़की कांग्रेस, बताया ‘तानाशाही मानसिकता’

गणतंत्र दिवस परेड में राहुल गांधी की सीट पर ‘रणारोर’: तीसरी पंक्ति में बैठने पर भड़की कांग्रेस, बताया ‘तानाशाही मानसिकता’

Share:

नई दिल्ली 26 जनवरी 2026| देश के 77वें गणतंत्र दिवस के गौरवशाली समारोह के बीच एक बड़े राजनीतिक विवाद ने जन्म ले लिया है। विवाद की जड़ कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP) राहुल गांधी की सीटिंग अरेंजमेंट है। कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर प्रोटोकॉल के अपमान और ‘हीन भावना’ से काम करने का गंभीर आरोप लगाया है।

विवाद का केंद्र: पहली नहीं, तीसरी पंक्ति

समारोह के दौरान राहुल गांधी को पहली पंक्ति के बजाय तीसरी पंक्ति में स्थान दिया गया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने एक तस्वीर साझा कर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “क्या नेता प्रतिपक्ष के साथ ऐसा व्यवहार शालीनता और परंपरा के अनुरूप है? यह केवल मोदी सरकार की कुंठा और हीन भावना को दर्शाता है।”

दिग्गजों की नाराजगी: ‘शैडो पीएम’ का अपमान

कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी इस मामले में मोर्चा खोल दिया है:

विवेक तन्खा (राज्यसभा सांसद): उन्होंने इसे प्रोटोकॉल और गरिमा की सरासर कमी करार दिया।

तारिक अनवर (सांसद): अनवर ने याद दिलाया कि नेता प्रतिपक्ष का एक विशिष्ट प्रोटोकॉल होता है और उन्हें ‘शैडो प्रधानमंत्री’ माना जाता है। गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय उत्सव पर उन्हें पीछे बैठाना दुखद है।

क्या कहता है ‘वॉरंट ऑफ प्रिसीडेंस’ (प्रोटोकॉल)?

सरकारी सूत्रों और अधिकारियों का इस पर अलग तर्क है। उनके अनुसार:

वरीयता सूची: सीटिंग व्यवस्था राष्ट्रपति सचिवालय द्वारा जारी ‘वॉरंट ऑफ प्रिसीडेंस’ के आधार पर तय होती है।

संवैधानिक पद: नेता प्रतिपक्ष का पद महत्वपूर्ण है, लेकिन सूची में वे राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्य न्यायाधीश और केंद्रीय मंत्रियों के बाद आते हैं।

सुरक्षा और व्यवस्था: अधिकारियों का कहना है कि हर साल गणमान्य व्यक्तियों की संख्या और सुरक्षा कारणों से पंक्तियों के क्रम में मामूली बदलाव संभव है।

यह पहली बार नहीं है जब गणतंत्र दिवस पर बैठने की व्यवस्था को लेकर विवाद हुआ हो, लेकिन नेता प्रतिपक्ष के पद पर राहुल गांधी की मौजूदगी ने इस बार इसे ‘अहंकार बनाम गरिमा’ की लड़ाई बना दिया है।