Latest News
झुंझुनू हादसा: करंट की चपेट में आने से 8 मजदूरों की दर्दनाक मौत, प्रधानमंत्री और सीएम ने जताया गहरा शोक ममता बनर्जी का बदला राजनीतिक अंदाज: दिल्ली की रैली में सोनिया गांधी को बताया अपनी नेता, विपक्षी समीकरणों पर टकटकी ‘ये हिंदुस्तान आपके अब्बू जान का नहीं…’: रामलीला मैदान रैली पर बीजेपी का राहुल गांधी पर तीखा पलटवार, मेगा रैली को बताया ‘फ्लॉप शो’  वोट बचाओ, देश बचाओ’ के नारे से गूंजा रामलीला मैदान: विपक्ष ने दिखाई एकजुटता, 10 लाख की भीड़ का दावा .. देखें तस्वीर छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस: प्रधानमंत्री मोदी की शुभकामनाओं से मिली नई ऊर्जा, मुख्यमंत्री साय ने जताया आभार कोरबा कलेक्टर ने की बड़ी कार्रवाई: काम में लापरवाही और अनुपस्थिति पर पटवारी निलंबित
Home » छत्तीसगढ़ » छत्तीसगढ़ में ‘तालाबंदी’ की तैयारी: आज से 31 दिसंबर तक 4.50 लाख कर्मचारी हड़ताल पर

छत्तीसगढ़ में ‘तालाबंदी’ की तैयारी: आज से 31 दिसंबर तक 4.50 लाख कर्मचारी हड़ताल पर

Share:

Chhattisgarh Braces for ‘Lockout’: 4.50 Lakh Employees on Strike from Tomorrow till Dec 31

रायपुर छत्तीसगढ़| छत्तीसगढ़ में साल के आखिरी दिन सरकारी कामकाज के लिहाज से काफी भारी पड़ने वाले हैं। शनिवार और रविवार की छुट्टी के बाद अब सोमवार, 29 दिसंबर से प्रदेश के करीब 4.50 लाख अधिकारी-कर्मचारी तीन दिवसीय अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा रहे हैं। ‘कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन’ के बैनर तले आयोजित यह विरोध प्रदर्शन 31 दिसंबर तक चलेगा। “आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज”

विभागाध्यक्ष कार्यालयों में तालाबंदी का दावा

फेडरेशन ने हुंकार भरी है कि इस आंदोलन के दौरान नवा रायपुर स्थित इंद्रावती भवन (विभागाध्यक्ष कार्यालयों) समेत तमाम सरकारी दफ्तरों में तालाबंदी की जाएगी। हड़ताल का व्यापक असर स्कूल, निगम, मंडल, बोर्ड और विभिन्न आयोगों के कामकाज पर भी देखने को मिल सकता है। कर्मचारी संघ का दावा है कि उनकी तैयारी पूरी हो चुकी है और आंदोलन ऐतिहासिक होगा।”आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज”

‘मोदी की गारंटी’ को लेकर नाराजगी

हड़ताल का मुख्य कारण सरकार का अपनी चुनावी घोषणाओं के प्रति कथित उदासीन रवैया है। फेडरेशन के नेताओं का कहना है कि:

  • प्रदेश के कर्मचारियों के लिए ‘मोदी की गारंटी’ को लागू करने में राज्य सरकार देरी कर रही है।
  • 11 सूत्रीय मांगों को लेकर लंबे समय से ज्ञापन दिए जा रहे हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
  • सरकार की इस ‘उपेक्षा’ से कर्मचारियों के बीच भारी आक्रोश है, जिसे वे इस त्रि-दिवसीय आंदोलन के जरिए व्यक्त करेंगे।

छुट्टियों के बाद अब हड़ताल का साया

गौरतलब है कि बीते शनिवार और रविवार को साप्ताहिक अवकाश के कारण दफ्तर बंद थे। अब लगातार तीन दिन की हड़ताल के चलते आम जनता को अपने सरकारी कामों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। हालांकि, हड़ताल की टाइमिंग को लेकर चर्चाओं का बाजार भी गर्म है, लेकिन फेडरेशन ने साफ कर दिया है कि यह उनके अस्तित्व और हक की लड़ाई है।”आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज”

latest news