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छत्तीसगढ़ में ज़मीन की गाइडलाइन दरों में बंपर वृद्धि पर बवाल: बृजमोहन अग्रवाल ने CM साय को लिखा तीखा पत्र, तत्काल वापसी की मांग! 

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Raipur MP Brijmohan Agrawal wrote a letter to the Chief Minister:रायपुर के बीजेपी सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जमीन की कलेक्टर गाइडलाइन दरों में की गई 100 से 800 प्रतिशत तक की भारी वृद्धि को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को एक विस्तृत पत्र लिखकर इस फैसले को तत्काल वापस लेने की मांग की है। अग्रवाल ने इस वृद्धि को अव्यावहारिक और राजनीतिक दृष्टि से भी गलत बताया है।

 पत्र में बृजमोहन अग्रवाल के मुख्य आपत्तियाँ और तर्क

  • अचानक और बिना परामर्श वृद्धि: उन्होंने कहा कि यह वृद्धि बिना किसी जन-परामर्श, वास्तविक मूल्यांकन और सामाजिक-आर्थिक प्रभावों की समीक्षा के अचानक कर दी गई है।

  • जनता पर आर्थिक बोझ: सरकार का तर्क है कि इससे भूमि अधिग्रहण में किसानों को अधिक मुआवजा मिलेगा, लेकिन अग्रवाल ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि केवल 1% भूमि ही अधिग्रहण में आती है, जबकि यह निर्णय बाकी 99% जनता पर अनावश्यक टैक्स और भारी आर्थिक बोझ डाल रहा है।

  • आर्थिक रीढ़ पर चोट: उन्होंने इस निर्णय को “Ease of Living” और “Ease of Doing Business” दोनों के विपरीत बताया। उनके अनुसार, यह वृद्धि प्रदेश की आर्थिक रीढ़—कृषि, लघु उद्योग और मध्य वर्ग—सभी पर करारी चोट साबित होगी और निवेश को रोकेगी।

  • चौंकाने वाली वृद्धि के उदाहरण: सांसद ने लाभांडी और निमोरा जैसे गाँवों में गाइडलाइन दरों में हुई 725% और 888% की वृद्धि को चौंकाने वाला और अनुचित बताया, जो किसी भी आर्थिक न्याय के अनुरूप नहीं है।

  • पंजीयन शुल्क का मुद्दा: उन्होंने यह भी कहा कि गाइडलाइन मूल्य दोगुना करने के बाद भी पंजीयन शुल्क 4% बनाए रखना अन्यायपूर्ण है, जिसे घटाकर 0.8% किया जाना चाहिए।

 मुख्यमंत्री से तीन प्रमुख माँगे

  1. तत्काल स्थगन: 20 नवंबर 2025 से लागू नई गाइडलाइन दरों को तुरंत स्थगित किया जाए।

  2. पुरानी दरें बहाल: पुरानी गाइडलाइन दरें फिर से लागू की जाएँ।

  3. विशेषज्ञ समिति का गठन: वास्तविक बाजार मूल्यांकन के लिए एक स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति बनाई जाए।

उन्होंने मुख्यमंत्री से जन भावनाओं का सम्मान करते हुए इस गंभीर मुद्दे पर तत्काल राहत प्रदान करने की अपेक्षा व्यक्त की है।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल का पत्र