Latest News
धीरेंद्र शास्त्री की राम-कृष्ण टिप्पणी पर गर्माई राजनीति: दिग्विजय बोले ‘मूर्ख’, बघेल का कटाक्ष- ‘रेबीज की जांच हो’ रायपुर: श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल ने पार किया 45 हजार बाल शल्य चिकित्सा का ऐतिहासिक आंकड़ा, मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने जताई खुशी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का रायपुर दौरा आज: ‘विकसित भारत संकल्प पार्क’ का करेंगे उद्घाटन,दौरे का पूरा मिनट-टू-मिनट शेड्यूल राज्योत्सव कार्यक्रम के दौरान एक पत्रकार के साथ मारपीट का मामला सामने आया, CAF आरक्षक निलंबित अरब सागर में भारतीय नौसेना का बड़ा पराक्रम: 48 घंटे के सुनियोजित रेस्क्यू ऑपरेशन में मछली पकड़ने वाले जहाज ‘अजिनी’ और 20 क्रू मेंबर्स सुरक्षित मुक्त रामलीला मैदान की महारैली: INDIA गठबंधन की एकजुटता और सत्ता पक्ष के लिए बड़ी चुनौती
Home » देश » आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का केरल में संबोधन: भारत को शेर बनना है, सोने की चिड़िया नहीं

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का केरल में संबोधन: भारत को शेर बनना है, सोने की चिड़िया नहीं

Share:

RSS Chief Mohan Bhagwat’s address in Kerala: India has to become a lion, not a golden bird

RSS Chief Mohan Bhagwat: आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने केरल में आयोजित शिक्षा सम्मेलन ज्ञान सभा में हिस्सा लिया और अपने संबोधन में कई महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने कहा कि हमें फिर से सोने की चिड़िया नहीं बनना है बल्कि हमको शेर बनना है। मोहन भागवत ने कहा कि दुनिया शक्ति की ही बात समझती है और शक्ति संपन्न भारत होना चाहिए।

भारतीय शिक्षा प्रणाली

– मोहन भागवत ने कहा कि भारतीय शिक्षा प्रणाली केवल ज्ञान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन में दूसरों के लिए जीने और त्याग करने की भावना भी सिखाती है।
– उन्होंने कहा कि शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जो इंसान को कहीं भी अपने दम पर जीने की क्षमता दे।
– मोहन भागवत ने कहा कि शिक्षा का असली उद्देश्य केवल नौकरी ही नहीं बल्कि व्यक्ति अपने आत्मज्ञान और कौशल के आधार पर जीवन यापन कर सके ¹।

भारत की पहचान

– मोहन भागवत ने कहा कि भारत एक व्यक्तिवाचक संज्ञा है और इसका अनुवाद नहीं किया जाना चाहिए।
– उन्होंने कहा कि भारत को भारत ही रहना चाहिए और भारत की पहचान का सम्मान किया जाता है क्योंकि यह भारत है।
– मोहन भागवत ने कहा कि यदि आप अपनी पहचान खो देते हैं, तो आपके पास चाहे जितने भी अन्य गुण क्यों न हों, आपको इस दुनिया में कभी सम्मान या सुरक्षा नहीं मिलेगी।

विकसित भारत

– मोहन भागवत ने कहा कि विकसित भारत, विश्व गुरु भारत, अब भी युद्ध का कारण नहीं बनेगा, कभी शोषण नहीं करेगा।
– उन्होंने कहा कि हम मैक्सिको से साइबेरिया तक गए हैं, हम पैदल चले हैं, हम छोटी नावों में गए हैं।
– मोहन भागवत ने कहा कि हमने किसी का राज्य नहीं हड़पा और सभी को सभ्यता सिखाई ।