नई दिल्ली / डिजिटल डेस्क 21 अक्टूबर 2026 Match Group India :ऑनलाइन डेटिंग प्लेटफॉर्म्स को उपयोगकर्ताओं—विशेषकर महिलाओं—के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने की दिशा में मैच ग्रुप (Match Group) ने भारत में कई कड़े व महत्वपूर्ण सुरक्षा कदम उठाए हैं। टिंडर (Tinder), हिंज (Hinge) और द लीग (The League) जैसे लोकप्रिय डेटिंग ऐप्स का संचालन करने वाली कंपनी ‘मैच ग्रुप’ के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और ट्रस्ट व सेफ्टी हेड योएल रॉथ ने इन नए सुरक्षा फीचर्स की घोषणा की है।
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गोपनीयता के लिए स्क्रीनशॉट पर रोक और कॉन्टैक्ट ब्लॉकिंग
भारत में महिला उपयोगकर्ताओं द्वारा जताई गई गोपनीयता की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने प्रोफाइल के स्क्रीनशॉट लेने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। हिंज पर यह फीचर पहले ही लागू किया जा चुका है और अब इसे टिंडर पर भी रोलआउट किया जा रहा है, ताकि कोई किसी की प्रोफाइल फोटो या जानकारी का स्क्रीनशॉट लेकर सोशल मीडिया या अन्य प्लेटफॉर्म्स पर साझा न कर सके।
इसके साथ ही, उपयोगकर्ताओं को ‘फोन कॉन्टैक्ट्स ब्लॉकिंग’ की सुविधा भी दी गई है। इसके जरिए यूजर अपने फोन बुक में मौजूद रिश्तेदारों, दोस्तों या परिचितों को पहले से ब्लॉक कर सकते हैं, जिससे उनकी प्रोफाइल उन परिचितों को नजर नहीं आएगी।
वीडियो सेल्फी से एआई फर्जीवाड़े और स्पैमर्स पर लगाम
साइबर धोखाधड़ी और फर्जी अकाउंट्स को रोकने के लिए मैच ग्रुप ने नए उपयोगकर्ताओं के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन (वीडियो सेल्फी) अनिवार्य कर दिया है। साइनअप के दौरान ली जाने वाली यह वीडियो सेल्फी यह सुनिश्चित करती है कि यूजर एक असली इंसान है, न कि कोई एआई (AI) द्वारा जनरेट किया गया फर्जी अवतार।
यह तकनीक डेटाबेस में एक ही चेहरे से बार-बार बनाए जाने वाले डुप्लीकेट अकाउंट्स और धोखाधड़ी करने वाले संगठित गिरोहों की पहचान कर उन्हें तुरंत प्लेटफॉर्म से बाहर करने में मदद करती है।
सुरक्षा के नतीजों में 40% सुधार और I4C के साथ साझेदारी
योएल रॉथ के अनुसार, सुरक्षा के इन कड़े उपायों के शुरुआती नतीजे बेहद सकारात्मक रहे हैं। टिंडर और हिंज दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर संदिग्ध व गलत गतिविधियों में शामिल लोगों की संख्या में 40 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है।
मैच ग्रुप सुरक्षा और ट्रस्ट निर्माण पर हर साल करीब 12.5 करोड़ डॉलर (लगभग 1000 करोड़ रुपये) खर्च कर रहा है। इसके अलावा, भारतीय उपयोगकर्ताओं को साइबर धोखाधड़ी और ऑनलाइन वित्तीय अपराधों से सुरक्षित रखने के लिए कंपनी ने गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के साथ भी साझेदारी की है।




