रायपुर 16 अक्टूबर 2026:छत्तीसगढ़ में बेटियों की शिक्षा और स्वच्छता को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ी पहल की शुरुआत हुई है। रायपुर जिले के अभनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम तर्रा में प्रदेश का पहला सोलर बालिका शौचालय बनकर तैयार हो गया है। इस आधुनिक सुविधा के शुरू होने से स्कूल की छात्राओं को अब शौच के लिए घर जाने की मजबूरी से मुक्ति मिल गई है।

7 लाख की लागत से हुआ निर्माण, सौर ऊर्जा से चमकेगा परिसर करीब 7 लाख रुपये की लागत से तैयार किए गए इस विशेष शौचालय में रोशनी के लिए सौर ऊर्जा प्रणाली लगाई गई है। यह निर्माण कार्य विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन ग्रामीण (वीबी-जी रामजी) के तहत चलाए जा रहे ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान के अंतर्गत किया गया है। तर्रा गांव के शासकीय विद्यालय में बनी इस सुविधा से 70 छात्राओं और 2 महिला शिक्षिकाओं को सीधा लाभ मिलेगा। परिसर में निर्बाध जल आपूर्ति के लिए नल व टंकी के साथ सैनिटरी पैड के सुरक्षित निस्तारण (डिस्पोजल) के लिए भी इंcinாटर/मशीन स्थापित की गई है।
दिव्यांग छात्राओं की सहूलियत का रखा गया विशेष ध्यान निर्माण के दौरान दिव्यांग छात्राओं की जरूरतों और सहूलियत का पूरा ध्यान रखा गया है। उनके लिए पृथक शौचालय, रैंप और सपोर्ट रेलिंग की व्यवस्था की गई है, जिससे वे बिना किसी सहायता के आसानी से आवाजाही कर सकें। ज्ञात हो कि इससे पूर्व स्कूल का पुराना शौचालय अत्यंत जर्जर स्थिति में था, जिसके कारण छात्राओं को भारी असुविधा होती थी और कई बार उन्हें पढ़ाई छोड़कर घर लौटना पड़ता था।
26 जनवरी 2027 तक 94 स्कूलों में बनेंगे ऐसे आधुनिक शौचालय अभनपुर जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी दयानंद देवांगन ने जानकारी दी कि अभियान के तहत क्षेत्र के 94 स्कूलों में बालिका शौचालय निर्माण के लिए स्थल चिह्नित कर लिए गए हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य 26 जनवरी 2027 तक ग्रामीण क्षेत्रों के सभी शासकीय स्कूलों में छात्राओं के लिए समुचित और स्वच्छ शौचालय सुविधा सुनिश्चित करना है।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अंचलों के स्कूलों में बेटियों को स्वच्छ, सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल प्रदान करना है, ताकि मूलभूत सुविधाओं के अभाव में किसी भी बालिका की शिक्षा बाधित न हो।




