कोरबा 16 अक्टूबर 2026। प्रशांति वृद्धाश्रम भवन की विद्युत आपूर्ति केबल से कटकर स्नेह सदन वृद्धाश्रम को दिए गए बिजली कनेक्शन को तत्काल पृथक करने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। नवदृष्टि समाजसेवी संस्था के अध्यक्ष ने समाज कल्याण विभाग, कोरबा के उप संचालक हरीश सक्सेना को पत्र सौंपकर 15 दिनों के भीतर कनेक्शन अलग करने का अल्टीमेटम दिया है। संस्था ने चेतावनी दी है कि यदि तय सीमा में कार्रवाई नहीं हुई तो कानूनी कदम उठाने के साथ-साथ धरना-प्रदर्शन, घेराव और आमरण अनशन किया जाएगा।

ओवरलोड और लो-वोल्टेज से उपकरण हो रहे खराब संस्था के अनुसार, प्रशांति वृद्धाश्रम की मुख्य केबल से ही स्नेह सदन को बिजली आपूर्ति दी गई है। एक ही केबल पर अतिरिक्त लोड पड़ने से प्रशांति वृद्धाश्रम में बार-बार लो-वोल्टेज और बिजली कटौती की गंभीर समस्या पैदा हो रही है। इससे पेयजल आपूर्ति का मोटर ठीक से काम नहीं कर पा रहा है, जिससे वरिष्ठ नागरिकों के लिए पानी का संकट खड़ा हो जाता है। साथ ही पंखे, कूलर, टीवी, वॉशिंग मशीन और गीजर जैसे आवश्यक उपकरण बार-बार खराब हो रहे हैं।
शॉर्ट सर्किट और जनहानि का खतरा पत्र में एसईसीएल के बिजली विभाग का हवाला देते हुए बताया गया है कि केबल पर क्षमता से अधिक लोड होने के कारण बार-बार फॉल्ट आ रहा है, जिसे सुधारने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है। संस्था ने आशंका जताई है कि अत्यधिक लोड के कारण शॉर्ट सर्किट जैसी स्थिति निर्मित हो सकती है, जिससे कोई बड़ा हादसा या जनहानि हो सकती है।
2 वर्ष बाद भी नहीं मिला अलग कनेक्शन संस्था का कहना है कि स्नेह सदन के लिए अलग से विद्युत कनेक्शन लेने का आश्वासन लगभग दो वर्ष पूर्व दिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। समाज कल्याण विभाग को पूर्व में भी 16 फरवरी, 9 मार्च, 12 मार्च, 28 जुलाई और 5 अक्टूबर 2026 को लिखित में आवेदन सौंपे जा चुके हैं।
लापरवाही का आरोप, उप संचालक पर उठे सवाल संस्था ने आरोप लगाया है कि बिजली बिल के लिए पर्याप्त बजट का प्रावधान होने के बावजूद समाज कल्याण विभाग के उप संचालक हरीश सक्सेना द्वारा मामले में संवेदनहीनता बरती जा रही है। संस्था ने स्पष्ट किया है कि यदि भविष्य में बिजली संकट, उपकरण खराब होने या शॉर्ट सर्किट से किसी भी प्रकार की जनहानि या संपत्ति का नुकसान होता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी उप संचालक की होगी।




