नई दिल्ली 7 अक्टुबर 2026 SIR Controversy : राजधानी दिल्ली में मंगलवार को राजनीतिक हलचल उस समय तेज हो गई जब चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। एक तरफ कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में ‘INDIA’ गठबंधन के सांसदों ने चुनाव आयोग (ECI) के खिलाफ सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया, वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी ने महज छह घंटे के भीतर तीन अलग-अलग प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विपक्ष के आरोपों की धज्जियां उड़ाईं।

पहला हमला: संबित पात्रा ने Form 6 विवाद पर राहुल को घेरा
बीजेपी की ओर से सबसे पहले राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद संबित पात्रा ने मोर्चा संभाला। उन्होंने राहुल गांधी द्वारा Form 6 को लेकर लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कहा:
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राहुल गांधी का यह दावा पूरी तरह से गलत है कि चुनाव आयोग ने Form 6 में गैर-कानूनी बदलाव किए हैं।
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सुप्रीम कोर्ट ने Form 6 से जुड़ी प्रक्रियाओं को अवैध घोषित नहीं किया है।
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राहुल गांधी शीर्ष अदालत की टिप्पणियों को तोड़-मरोड़कर पेश कर रहे हैं ताकि जनता में भ्रम फैलाया जा सके।
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कांग्रेस अपनी राजनीतिक जमीन तलाशने के लिए संवैधानिक संस्थाओं पर लगातार सवाल उठाकर उन्हें कमजोर करने का प्रयास कर रही है।
दूसरा हमला: सुधांशु त्रिवेदी का ‘वोट चोरी’ के दावों पर कड़ा प्रहार
दोपहर में पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी के मार्च और कांग्रेस की कार्यशैली पर सीधा निशाना साधा:
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दोगले रवैये का आरोप: कांग्रेस पहले खुद मतदाता सूची में डुप्लीकेट, मृत और फर्जी मतदाताओं के नाम होने का दावा करती थी। अब जब चुनाव आयोग SIR प्रक्रिया के तहत सूची को साफ कर रहा है, तो कांग्रेस इसका विरोध कर रही है।
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आकाशवाणी भवन घटनाक्रम: राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के आकाशवाणी भवन परिसर में प्रवेश करने पर त्रिवेदी ने कहा कि लोकतंत्र की दुहाई देने वाली कांग्रेस खुद संस्थागत मर्यादाओं का उल्लंघन कर रही है।
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हार से ध्यान भटकाने की कोशिश: चुनावी हार की जिम्मेदारियों से बचने के लिए राहुल गांधी ‘वोट चोरी’ जैसे निराधार आरोप गढ़ रहे हैं।
तीसरा हमला: प्रदीप भंडारी ने पूछा- क्या न्यायपालिका पर भरोसा नहीं?
शाम को तीसरी प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने विपक्ष की नीयत पर सवाल खड़े किए:
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अदालत बनाम सड़क: जब SIR और Form 6 का मामला पहले से ही अदालत के समक्ष विचाराधीन है, तो विपक्ष सड़कों पर प्रदर्शन करके संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बनाने का प्रयास क्यों कर रहा है?
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सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार: विपक्ष के पास कोई ठोस तथ्य नहीं हैं और वह केवल सोशल मीडिया के माध्यम से भ्रम फैलाकर देश के माहौल को खराब करना चाहता है।
सड़कों पर संग्राम और हिरासत
मंगलवार को दिल्ली की सड़कों पर उस समय स्थिति और तनावपूर्ण हो गई जब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे विपक्षी सांसदों को पुलिस ने रोक लिया। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कई अन्य नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। राहुल गांधी ने मांग की कि विपक्षी प्रतिनिधिमंडल को चुनाव आयुक्तों से मिलकर अपनी बात रखने का अवसर दिया जाना चाहिए।




