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पूर्व जिलाध्यक्ष को राज्यसभा प्रत्याशी बनाए जाने पर बोले कार्यकर्ता- ‘धैर्य और निष्ठा का मिला सम्मान’

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हल्द्वानी/नैनीताल 4 अक्टूबर 2026: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा पूर्व जिलाध्यक्ष व दर्जा राज्यमंत्री दिनेश आर्य को राज्यसभा सदस्य का प्रत्याशी घोषित किए जाने से पार्टी के कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। पार्टी के इस निर्णय को संघ के प्रति समर्पण, दीर्घकालिक निष्ठा और धैर्य के सम्मान के रूप में देखा जा रहा है।

दिनेश आर्य के परिवार का लंबे समय से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से गहरा जुड़ाव रहा है। उनके पिता स्वर्गीय बची राम आर्य हल्द्वानी नगरपालिका (वर्तमान नगर निगम) के मुस्लिम बहुल क्षेत्र से सभासद तथा पार्टी के नगर महामंत्री रहे हैं। दिनेश आर्य स्वयं 1998 में संघ शिक्षा वर्ग के तृतीय वर्ष (नागपुर) के जिले से इकलौते स्वयंसेवक रहे हैं। उस दौर में आरएसएस के सरसंघचालक रज्जू भैया थे।

संगठन के प्रति उनकी निष्ठा को देखते हुए वर्ष 2007 में उन्हें नैनीताल जिले के जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई थी, जिसके तहत पार्टी ने जिले में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इसके अतिरिक्त, वे भाजपा अनुसूचित मोर्चा के राष्ट्रीय मंत्री, प्रदेश महामंत्री और प्रदेश मंत्री जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों को भी संभाल चुके हैं। पूर्व मुख्यमंत्री बी.सी. खंडूरी के निकट सहयोगी रहने के बावजूद वे हमेशा गुटबाजी से दूर रहकर विशुद्ध रूप से संगठन हित में कार्य करने के लिए जाने जाते हैं।

राजनीतिक जीवन में कई बार अवसरों के अभाव के बाद भी उन्होंने अनुशासित कार्यकर्ता का परिचय दिया। वर्ष 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में नैनीताल आरक्षित सीट से दावेदारी के बावजूद टिकट न मिलने पर उन्होंने असंतोष जताने के बजाय पार्टी प्रत्याशियों के पक्ष में पूरी लगन से प्रचार किया। उनकी इसी निष्ठा को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार में उन्हें दर्जा राज्यमंत्री बनाया गया था।

पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट सहित अन्य नेताओं का मानना है कि एक अनुभवी, वैचारिक रूप से परिपक्व और जमीनी स्तर के कार्यकर्ता को उम्मीदवार बनाकर पार्टी हाईकमान ने प्रत्येक आम कार्यकर्ता का मान बढ़ाया है