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बस्तर संभाग में दिव्यांगजनों के पुनर्वास के लिए ‘सेवा संकल्प अभियान’: जगदलपुर और दंतेवाड़ा में लगेंगे विशाल शिविर…जाने कार्ययोजना एवं समय-सारणी

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छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से तैयारियों की व्यापक समीक्षा की और सभी आवश्यक प्रबंध समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से पूरे करने के निर्देश दिए।

रायपुर 4 अक्टूबर 2026 Bastar Divyang Abhiyan : बस्तर संभाग के दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप सहायता प्रदान करने, उन्हें स्वावलंबी बनाने और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से शासन द्वारा एक विशेष ‘सेवा संकल्प अभियान’ शुरू किया जा रहा है। इस महाअभियान के अंतर्गत जगदलपुर और दंतेवाड़ा में वृहद दिव्यांग शिविरों का आयोजन किया जाएगा। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से तैयारियों की व्यापक समीक्षा की और सभी आवश्यक प्रबंध समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से पूरे करने के निर्देश दिए।

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आईईडी पीड़ितों के पुनर्वास पर विशेष ध्यान

उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल सहायक उपकरण वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि एक मिशन के रूप में संचालित किया जा रहा है। नक्सल हिंसा, विशेषकर आईईडी (IED) विस्फोटों के कारण अपने अंग गंवा चुके नागरिकों के पुनर्वास के लिए सरकार हरसंभव कदम उठा रही है। अभियान का मुख्य उद्देश्य आईईडी पीड़ितों को कृत्रिम अंग (आर्टिफिशियल लिंब) और सहायक उपकरण प्रदान कर उनके जीवन से हिंसा के दर्द को मिटाना है।

साथ ही, उप मुख्यमंत्री ने भविष्य की रणनीति पर जोर देते हुए निर्देश दिए कि ग्राम सभाओं के माध्यम से गांवों में सुरक्षा का पूर्ण सत्यापन कर उन्हें ‘आईईडी-मुक्त ग्राम’ घोषित करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जाए।

शत-प्रतिशत हितग्राहियों तक पहुंचेगा लाभ

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने अधिकारियों को सुनिश्चित करने को कहा कि क्षेत्र का कोई भी पात्र व्यक्ति इस लाभ से वंचित न रहे:

  • अंतिम सूची का निर्माण: ग्राम पंचायतों और ग्राम सभाओं के जरिए हितग्राहियों की सूची तैयार की जाए, जिसमें आईईडी प्रभावित दिव्यांगों का अलग विवरण दर्ज हो।

  • मौके पर प्रमाणीकरण: यदि किसी हितग्राही के पास दिव्यांगता प्रमाण पत्र नहीं है, तो स्वास्थ्य और समाज कल्याण विभाग द्वारा शिविर स्थल पर ही प्रमाण पत्र जारी करने की तत्काल व्यवस्था की जाएगी।

  • उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता: शिविरों में कृत्रिम अंग, व्हीलचेयर, ट्राईसाइकिल, कैलिपर्स और श्रवण यंत्र जैसी सामग्रियों का पर्याप्त स्टॉक रखा जाएगा।

शिविरों की विस्तृत कार्ययोजना एवं समय-सारणी

कमिश्नर श्री डोमन सिंह ने उप मुख्यमंत्री के समक्ष प्रशासनिक कार्ययोजना प्रस्तुत की। इस उच्चस्तरीय बैठक में आईजी, संभाग के समस्त कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत सीईओ और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

1. जगदलपुर शिविर (क्रीड़ा परिसर)

  • अवधि: 5 से 7 अक्टूबर 2026 (प्रतिदिन प्रातः 8 बजे से)

  • कुल चिह्नित हितग्राही: 2,953

  • ज़िलावार शेड्यूल:

    • 5 अक्टूबर: बस्तर जिला

    • 6 अक्टूबर: नारायणपुर एवं कोंडागांव जिला

    • 7 अक्टूबर: कांकेर जिला

2. दंतेवाड़ा शिविर (पुलिस लाइन परिसर)

  • अवधि: 15 से 17 अक्टूबर 2026 (प्रतिदिन प्रातः 8 बजे से)

  • कुल चिह्नित हितग्राही: 846

  • कवर किए जाने वाले जिले: दंतेवाड़ा, सुकमा एवं बीजापुर

हितग्राहियों के लिए सुविधाएं और आवश्यक निर्देश

  • जयपुर की विशेषज्ञ तकनीकी टीम: जयपुर से आ रही विशेष तकनीकी टीम नए कृत्रिम अंग फिट करने के साथ-साथ पुराने उपकरणों की मरम्मत का कार्य भी मौके पर करेगी।

  • निःशुल्क परिवहन एवं भोजन: संबंधित जिला प्रशासन द्वारा दूर-दराज से आने वाले दिव्यांगजनों के लिए निःशुल्क बस परिवहन, भोजन और शुद्ध पेयजल का पूरा प्रबंध किया गया है।

  • सहायता व प्राथमिक स्वास्थ्य: शिविर स्थल पर प्राथमिक स्वास्थ्य जांच (बीपी, शुगर टेस्ट) की सुविधा रहेगी। सहायता के लिए स्काउट-गाइड के स्वयंसेवक तैनात रहेंगे।

  • ज़रूरी दस्तावेज़: शिविर में आने वाले हितग्राहियों को अपनी पहचान के लिए आधार कार्ड की छायाप्रति (फोटोकॉपी) और दो पासपोर्ट साइज फोटो साथ लाना अनिवार्य है।

समस्त व्यवस्थाओं के सुचारू संचालन और मॉनिटरिंग के लिए जिला पंचायत सीईओ और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।