Gujarat Politics 3 अक्टूबर 2026 : गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री शंकरसिंह वाघेला के एक ताजा बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर नर्मदा जिले के सागबारा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए वाघेला ने कहा कि ‘पटेल, बनिया या ब्राह्मण’ समुदाय के जो लोग मैला ढोने का काम अपनाएंगे, उन्हें वे 50,000 रुपये मासिक वेतन देंगे।

राज्यसभा के पूर्व सदस्य रहे वाघेला आरक्षण के समर्थन में बोल रहे थे और इसे खत्म करने की मांग करने वालों की आलोचना कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आरक्षण किसी की कृपा से नहीं मिला है, बल्कि यह पीढ़ियों से झेले गए सामाजिक अन्याय और कष्टों के कारण अर्जित अधिकार है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि जो लोग आरक्षण का विरोध करते हैं, वे यदि आदिवासी और पिछड़े समुदायों जैसी स्थितियों में रहकर मैला ढोने का काम करने को तैयार हों, तभी उन्हें उनकी वास्तविक स्थिति का एहसास होगा।
वाघेला के इस बयान पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कड़ा एतराज जताया है और उन पर जातिवाद को बढ़ावा देने व समाज में वैमनस्य फैलाने का आरोप लगाया है। भाजपा नेता यज्ञेश दवे ने कहा कि जातियों के बीच वैमनस्य पैदा करना अनुचित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में मैला ढोने की प्रथा पहले ही समाप्त की जा चुकी है और सरकारें इस समुदाय के लोगों को सम्मानजनक जीवन और न्याय दिलाने के लिए लगातार काम कर रही हैं। यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब वाघेला के फिर से कांग्रेस में शामिल होने की अटकलें चल रही हैं।



