📍बीजापुर में वन्यजीव सप्ताह का शुभारंभ, वन मंत्री ने कहा—वन एवं वन्यप्राणियों का संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी
📍साल के अंत तक बीजापुर में इको-टूरिज्म गतिविधियां शुरू करने की घोषणा, स्थानीय युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के नए अवसर
रायपुर / बीजापुर 2 अक्टूबर 2026 Indravati Tiger Reserve : वनों एवं वन्यजीवों के संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से बीजापुर जिले में वन्यजीव सप्ताह का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर प्रदेश के वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने इन्द्रावती टाइगर रिजर्व द्वारा विशेष रूप से तैयार किए गए ‘बाघ रथ’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह ‘बाघ रथ’ सुदूर वनांचल के गांव-गांव तक पहुंचकर लोगों को वन्यजीव संरक्षण, बाघों की सुरक्षा तथा मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व के प्रति जागरूक करने का कार्य करेगा।

सामूहिक जिम्मेदारी है वन और वन्यजीवों की सुरक्षा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि जंगल और वन्यप्राणी हमारी अमूल्य प्राकृतिक धरोहर हैं। इनकी सुरक्षा का दायित्व केवल वन विभाग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वन्यजीवों की प्रभावी सुरक्षा के लिए स्थानीय समुदायों की सक्रिय जनभागीदारी बेहद जरूरी है। ‘बाघ रथ’ के जरिए शुरू हुआ यह जागरूकता अभियान वनांचल के ग्रामीणों को जैव विविधता के महत्व से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
समृद्ध जैव विविधता बीजापुर की मुख्य पहचान
वन मंत्री ने बीजापुर की प्राकृतिक संपदा और समृद्ध जैव विविधता की सराहना करते हुए कहा कि यह क्षेत्र विविध वन्यजीवों से परिपूर्ण है। यहां के घने जंगल और वन्यप्राणी स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र का प्रमुख आधार हैं। यदि हम स्थानीय समुदाय को संरक्षण के कार्यों से जोड़ेंगे, तो इसके और अधिक सकारात्मक एवं बेहतर परिणाम देखने को मिलेंगे। उन्होंने वन्यजीवों के प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा, जंगलों के बचाव और मानव-वन्यजीव के बीच संतुलित सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया।
साल के अंत तक बीजापुर में शुरू होंगी इको-टूरिज्म गतिविधियां
पर्यटन के क्षेत्र में बीजापुर के विकास को लेकर एक बड़ी घोषणा करते हुए वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि इस वर्ष के अंत तक जिले में इको-टूरिज्म गतिविधियां विधिवत रूप से शुरू कर दी जाएंगी। बीजापुर की प्राकृतिक सुंदरता, घने जंगलों और अनूठी जैव विविधता से अब पर्यटक भी रूबरू हो सकेंगे। इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि आम जनता में पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।
स्थानीय युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार एवं स्वरोजगार के द्वार
वन मंत्री ने स्पष्ट किया कि बीजापुर में इको-टूरिज्म का विकास स्थानीय समुदाय की सहभागिता के आधार पर किया जाएगा। पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से क्षेत्र के स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इससे वनांचल क्षेत्रों में आजीविका के साधनों को मजबूती मिलेगी और क्षेत्र का आर्थिक विकास तेजी से होगा। उन्होंने कहा कि प्रकृति का संरक्षण करते हुए पर्यटन को बढ़ावा देना ही इको-टूरिज्म का मूल ध्येय है।
गरमामयी उपस्थिति इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में पूर्व मंत्री श्री महेश गागड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जानकी कोरसा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री पेरे पुलैय्या, नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती गीता सोम पुजारी, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, डीएफओ (DFO) सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी और ग्रामीण उपस्थित रहे।




