रायपुर 1 अक्टूबर 2026 Tribal Welfare : छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य के दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करने वाले आदिवासी समाज के बच्चों को देश के अग्रणी शैक्षणिक माहौल से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के स्पष्ट निर्देशों के तहत जशपुर जिले में आदिवासी विद्यार्थियों के लिए एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों (Eklavya Model Residential Schools) के अत्याधुनिक एवं सर्वसुविधायुक्त भवनों का निर्माण कार्य तेजी से जारी है।

जशपुर जिले के फरसाबहार तथा कांसाबेल विकासखंड के ढुढरूडांड में विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस शैक्षणिक परिसरों (Campuses) को आकार दिया जा रहा है। इन परिसरों का निर्माण पूर्ण होते ही आदिवासी अंचलों के प्रतिभावान विद्यार्थियों को एक ही छत के नीचे अध्ययन, आवास, प्रयोगात्मक शिक्षा और खेलकूद की आधुनिक सुविधाएं प्राप्त होंगी।
बटाईकेला से नए हाई-टेक परिसर में शिफ्ट होगा विद्यालय
वर्तमान में कांसाबेल क्षेत्र का एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय बटाईकेला में संचालित किया जा रहा है। नए सर्वसुविधायुक्त भवन का निर्माण पूर्ण होते ही इसे विशाल और आधुनिक सुविधाओं से लैस ढुढरूडांड परिसर में स्थानांतरित कर दिया जाएगा।
एक ही परिसर में मिलेंगी ये आधुनिक सुविधाएं:
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स्मार्ट कक्षाएं एवं प्रयोगशालाएं: गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन के साथ-साथ व्यावहारिक एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए आधुनिक लैब्स।
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डिजिटल लर्निंग एवं कंप्यूटर लैब: ग्रामीण विद्यार्थियों को डिजिटल तकनीक और आधुनिक सूचना व संचार साधनों से जोड़ने के लिए विशाल कंप्यूटर लैब।
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समृद्ध पुस्तकालय (Library): देश-दुनिया के ज्ञान, प्रतियोगी परीक्षाओं एवं पाठ्यपुस्तकों से लैस शांत पुस्तकालय।
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सुरक्षित आवासीय एवं भोजन व्यवस्था: छात्रों के बेहतर स्वास्थ्य और दिनचर्या को ध्यान में रखते हुए उच्च स्तरीय छात्रावास तथा पौष्टिक भोजन की सुविधा।
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खेलकूद एवं सर्वांगीण विकास: विद्यार्थियों की शारीरिक क्षमता और खेल प्रतिभा को निखारने के लिए खेल के मैदान व विभिन्न खेल सामग्रियों का इंतज़ाम।
शिक्षा अधोसंरचना (Infrastructure) को मिल रही नई मजबूती
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का विशेष ध्यान राज्य के अंतिम छोर पर बैठे हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचाने पर है। जशपुर में तेजी से तैयार हो रहे ये नए परिसर न केवल शैक्षणिक स्तर में सुधार लाएंगे, बल्कि ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों के आदिवासी बच्चों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर की स्पर्धाओं के लिए मानसिक और व्यावहारिक रूप से तैयार करेंगे।
इन विद्यालयों के माध्यम से आदिवासी अंचल के बच्चों को अपनी अंतर्निहित प्रतिभा, कौशल और रचनात्मकता को खुलकर अभिव्यक्त करने के लिए एक सुरक्षित और प्रेरित करने वाला वातावरण मिलेगा।



