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पत्रकारिता में सत्य, तथ्य और जनहित सर्वोच्च प्राथमिकता हो: राज्यपाल रमेन डेका

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रायपुर 7 सितंबर  Governor Ramen Deka  : छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में सावित्रीबाई फुले कन्या छात्रावास तथा ‘मेधा एआई एवं मीडिया शोध केंद्र’ का भव्य शुभारंभ किया।

विश्वविद्यालय के शिक्षकों और विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का एक मजबूत स्तंभ है और इसकी विश्वसनीयता बनाए रखना हर पत्रकार का प्राथमिक कर्तव्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि खबरों में गति से ज्यादा सटीकता और सत्यता महत्वपूर्ण है—एक श्रेष्ठ पत्रकार वह नहीं जो केवल सबसे पहले खबर दे, बल्कि वह है जो पूरी जांच-पड़ताल, तथ्यपरक और जिम्मेदारी के साथ सही खबर समाज के सामने लाए।

कार्यक्रम के प्रमुख बिंदु:

  • सावित्रीबाई फुले कन्या छात्रावास का शुभारंभ: राज्यपाल ने कहा कि नारी सशक्तिकरण की प्रतीक सावित्रीबाई फुले के नाम पर बना यह छात्रावास दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं को एक सुरक्षित और अनुकूल वातावरण प्रदान करेगा।

  • मेधा एआई एवं मीडिया शोध केंद्र: एआई के दौर में तकनीक के जिम्मेदार और प्रभावी उपयोग के लिए यह केंद्र छात्रों को आधुनिक मीडिया की नई चुनौतियों के लिए तैयार करेगा।

  • सोशल व प्रिंट मीडिया पर विचार: राज्यपाल ने सचेत किया कि सोशल मीडिया की हर सामग्री सत्य नहीं होती, इसलिए तथ्य-जांच (Fact-checking) बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि तकनीक के दौर में भी प्रिंट मीडिया की विश्वसनीयता आज भी कायम है।

  • अनसुने नायकों को मंच: मीडिया को समाज के अंतिम व्यक्ति की समस्याओं को उठाने और ऐसे प्रेरणादायी अनसुने नायकों के काम को उजागर करने की सलाह दी गई जो पहचान से दूर हैं।

  • विश्वविद्यालय के लिए लक्ष्य: उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर देते हुए विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाकर कम से कम 1,000 करने का लक्ष्य तय करने का सुझाव दिया।

राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के प्रेरणास्रोत स्वर्गीय कुशाभाऊ ठाकरे जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन भी किया।

कार्यक्रम की शुरुआत में कुलपति श्री मनोज दयाल ने स्वागत भाषण दिया। संचालन प्रबंधन विभागाध्यक्ष डॉ. आशुतोष मंडावी ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव सुनील कुमार शर्मा ने प्रस्तुत किया। इस दौरान विश्वविद्यालय के सभी विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक और अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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