वॉशिंगटन/तेहरान: पूरी दुनिया एक बार फिर अमेरिकी सैन्य पराक्रम (Military Supremacy) की गवाह बनी है। महाशक्ति अमेरिका ने न केवल ईरान की संप्रभुता को चुनौती दी, बल्कि उसके खतरनाक पहाड़ों और अभेद्य घेराबंदी को धता बताते हुए अपने लापता एयरमैन को सुरक्षित बचा लिया है। यह ऑपरेशन किसी हॉलीवुड फिल्म के क्लाइमेक्स से भी ज्यादा साहसी और घातक था।
Advt.

सर्जिकल स्ट्राइक जैसा रेस्क्यू: ‘हम पीछे नहीं हटते’
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मिशन की सफलता की पुष्टि करते हुए दुनिया को कड़ा संदेश दिया है। ट्रंप ने गर्व के साथ घोषणा की कि अमेरिकी वायु सेना के सम्मानित कर्नल, जो ईरान के दुर्गम क्षेत्रों में फंस गए थे, अब सुरक्षित हैं। यह पिछले 48 घंटों में दूसरा ऐसा मिशन है जिसने ईरानी एयर डिफेंस की पोल खोलकर रख दी है।
Advt.

राष्ट्रपति ट्रंप का हुंकार: “हमने उसे पा लिया!”
राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर इस जीत का जश्न मनाते हुए लिखा:
“हमने उसे पा लिया! (We got him!) 🦅 मेरे आदेश पर दुनिया के सबसे आधुनिक हथियारों से लैस दर्जनों विमानों ने दुश्मन के इलाके में घुसकर हमारे योद्धा को बाहर निकाला। ईरानी आसमान पर हमारा पूरी तरह कब्जा है। हम अपने किसी भी सिपाही को पीछे नहीं छोड़ते!”
ऑपरेशन की बड़ी बातें:
-
अजेय वायु सेना: दर्जनों लड़ाकू विमानों ने ईरानी रडार को चकमा देकर ‘सर्च एंड रेस्क्यू’ ऑपरेशन को कवर दिया।
-
लगातार दूसरी जीत: दो दिनों के भीतर दो अलग-अलग सफल रेस्क्यू ऑपरेशनों ने इतिहास रच दिया है।
-
ईरान बेबस: दुश्मन की धरती पर उतरकर कर्नल को बचाना ईरान के लिए एक बड़ा रणनीतिक झटका माना जा रहा है।
यह मिशन साबित करता है कि अमेरिकी कमांडर-इन-चीफ की नजर अपने हर एक सिपाही पर है, चाहे वह दुनिया के सबसे खतरनाक कोने में ही क्यों न हो। हैप्पी ईस्टर के मौके पर मिली इस कामयाबी ने पूरे अमेरिका में जोश भर दिया है।








