Latest News
रामलीला मैदान की महारैली: INDIA गठबंधन की एकजुटता और सत्ता पक्ष के लिए बड़ी चुनौती झुंझुनू हादसा: करंट की चपेट में आने से 8 मजदूरों की दर्दनाक मौत, प्रधानमंत्री और सीएम ने जताया गहरा शोक ममता बनर्जी का बदला राजनीतिक अंदाज: दिल्ली की रैली में सोनिया गांधी को बताया अपनी नेता, विपक्षी समीकरणों पर टकटकी ‘ये हिंदुस्तान आपके अब्बू जान का नहीं…’: रामलीला मैदान रैली पर बीजेपी का राहुल गांधी पर तीखा पलटवार, मेगा रैली को बताया ‘फ्लॉप शो’  वोट बचाओ, देश बचाओ’ के नारे से गूंजा रामलीला मैदान: विपक्ष ने दिखाई एकजुटता, 10 लाख की भीड़ का दावा .. देखें तस्वीर छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस: प्रधानमंत्री मोदी की शुभकामनाओं से मिली नई ऊर्जा, मुख्यमंत्री साय ने जताया आभार
Home » छत्तीसगढ़ » छत्तीसगढ़ प्रॉपर्टी अपडेट: रायपुर और कोरबा में आज से महंगी हुई जमीन, नई गाइडलाइन दरें लागू

छत्तीसगढ़ प्रॉपर्टी अपडेट: रायपुर और कोरबा में आज से महंगी हुई जमीन, नई गाइडलाइन दरें लागू

Share:

रायपुर/कोरबा। छत्तीसगढ़ में घर या जमीन खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए बड़ी खबर है। राज्य शासन ने रायपुर और कोरबा जिले के लिए जमीन-मकान की नई सरकारी दरों (गाइडलाइन) को मंजूरी दे दी है। यह संशोधित दरें आज, 30 जनवरी 2026 से प्रभावी हो गई हैं।

महानिरीक्षक पंजीयन कार्यालय के अनुसार, रायपुर और कोरबा के कलेक्टर्स द्वारा भेजे गए प्रस्तावों को केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही एनआईसी (NIC) को सॉफ्टवेयर अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आज से होने वाली सभी रजिस्ट्रियां नई दरों पर संपन्न हों।

प्रमुख बदलाव और प्रभाव

  • दामों में उछाल: प्रमुख क्षेत्रों में गाइडलाइन दरों में 20% से 25% तक संभावित की वृद्धि की गई है।

  • लागत में वृद्धि: जमीन, मकान और दुकानों की सरकारी कीमतें बढ़ने से अब स्टांप ड्यूटी और पंजीयन शुल्क (Registration Fee) अधिक देना होगा।

  • प्रमुख हॉटस्पॉट: रायपुर के वीआईपी रोड, नया रायपुर और अमलीडीह जैसे इलाकों में कीमतें बढ़ी हैं। वहीं कोरबा के ट्रांसपोर्ट नगर, कोसाबाड़ी , निहारिका और कटघोरा क्षेत्रों में भी प्रॉपर्टी महंगी हो गई है।

ध्यान दें: यदि आपने पुरानी दरों पर अपॉइंटमेंट लिया था, लेकिन रजिस्ट्री आज या इसके बाद हो रही है, तो आपको नए रेट के अनुसार ही स्टांप शुल्क का भुगतान करना होगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस फैसले से सरकार के राजस्व में तो बढ़ोतरी होगी, लेकिन आम आदमी के लिए घर खरीदना अब थोड़ा और चुनौतीपूर्ण हो जाएगा। बाजार भाव के करीब सरकारी दरें लाने के उद्देश्य से यह संशोधन किया गया है।