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महारत्न कंपनी में ‘मजदूरों की लूट’! एनटीपीसी कोरबा के ठेका श्रमिकों ने खोला मोर्चा, कलेक्ट्रेट में भरी हुंकार

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कोरबा: ‘महारत्न’ का दर्जा प्राप्त एनटीपीसी कोरबा में श्रम कानूनों की धज्जियां उड़ाने और ठेका श्रमिकों के आर्थिक शोषण के खिलाफ सीटू (CITU) ने आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है। केएसटीपीएस एनटीपीसी-कोरबा उत्पादन कंपनी कामगार यूनियन के बैनर तले सैकड़ों मजदूरों ने एनटीपीसी परिसर से कलेक्ट्रेट तक लंबी पदयात्रा निकालकर प्रबंधन और प्रशासन को सीधी चेतावनी दी है।

वेतन के नाम पर ‘अवैध वसूली’ का खेल

सीटू के प्रदेश अध्यक्ष एस.एन. बनर्जी ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सनसनीखेज आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि एक तरफ एनटीपीसी देश को रोशन कर रही है, वहीं दूसरी ओर यहां के ठेका मजदूरों का अंधेरा कायम है।

  • दबंगई: केंद्रीय न्यूनतम वेतन लागू होने के बावजूद, ठेकेदारों के मुंशी हर मजदूर से 250 से 350 रुपये प्रतिदिन की अवैध वसूली कर रहे हैं।

  • तानाशाही: यदि कोई मजदूर इस लूट का विरोध करता है, तो उसका गेट पास बंद कर उसे नौकरी से निकाल दिया जाता है।

सड़कों पर उमड़ा आक्रोश

मजदूरों का हुजूम के.सी. जैन मार्ग से दर्री बाजार, कोहड़िया, और घंटाघर होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचा। इस दौरान नारों से पूरा शहर गूंज उठा। यूनियन के अध्यक्ष फागू राम कश्यप ने साफ कहा कि ठेका श्रमिक अब वर्षों का शोषण और असुरक्षा और बर्दाश्त नहीं करेंगे।

प्रशासन को अल्टीमेटम: ‘सुधर जाओ वरना थमेगा संयंत्र’

प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। बनर्जी ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही अवैध वसूली बंद नहीं हुई और मजदूरों को उनका हक नहीं मिला, तो संयंत्र स्तर पर उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी।

इन संगठनों ने दिया समर्थन

इस जनाक्रोश में सीटू के साथ-साथ बालको सीटू यूनियन, परिवहन संघ और किसान सभा के दिग्गज नेता शामिल रहे। मुख्य रूप से प्रशांत झा, दीपक साहू, दामोदर श्याम, गुरुमूर्ति, और सुमरित कश्यप सहित बड़ी संख्या में महिला व पुरुष श्रमिक डटे रहे।