Latest News
नाथद्वारा: श्रीनाथजी मंदिर में “श्री लाल गोविंद मंडान” का शुभारंभ, मर्जादी वैष्णवों के लिए निःशुल्क महाप्रसाद की व्यवस्था शुरू आत्मसम्मान से समझौता नहीं! सिंगर दलेर मेहंदी विवाद पर बोले मंत्री सुबोध उनियाल- ‘इस्तीफा दे दूंगा, पर माफी नहीं मांगूंगा’ आंध्र प्रदेश के तट से टकराया भीषण चक्रवात ‘मुरासु’, 120 किमी/घंटा की रफ्तार से चल रही हवाएं; ओडिशा-पुडुचेरी में अलर्ट धीरेंद्र शास्त्री की राम-कृष्ण टिप्पणी पर गर्माई राजनीति: दिग्विजय बोले ‘मूर्ख’, बघेल का कटाक्ष- ‘रेबीज की जांच हो’ रायपुर: श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल ने पार किया 45 हजार बाल शल्य चिकित्सा का ऐतिहासिक आंकड़ा, मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने जताई खुशी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का रायपुर दौरा आज: ‘विकसित भारत संकल्प पार्क’ का करेंगे उद्घाटन,दौरे का पूरा मिनट-टू-मिनट शेड्यूल
Home » Uncategorized » मदकू द्वीप में इको-टूरिज्म परियोजना के लिए निविदा जारी

मदकू द्वीप में इको-टूरिज्म परियोजना के लिए निविदा जारी

Share:

 

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में स्थित मदकू द्वीप को इको-टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रक्रिया तेज हो गई है। वन मंडल अधिकारी (डीएफओ) मुंगेली ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में हलफनामा दायर कर बताया कि विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए निविदा 25 सितंबर को जेम पोर्टल के माध्यम से जारी कर दी गई है। यह कदम हाईकोर्ट के 26 अगस्त 2025 के आदेश के अनुपालन में उठाया गया है।

डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया

वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने 23 जुलाई को मदकू द्वीप का दौरा किया था, ताकि पारिस्थितिकी पर्यटन की व्यवहार्यता और पर्यावरणीय प्रभावों का आकलन किया जा सके। विभाग का उद्देश्य है कि द्वीप क्षेत्र की वनस्पति, जीव-जंतुओं और जैव विविधता को क्षति पहुंचाए बिना सतत विकास सुनिश्चित किया जाए। तकनीकी सलाहकारों की एक टीम ने जैव विविधता और कार्यक्षेत्र का विस्तृत सर्वेक्षण किया है, जिसके आधार पर इको-टूरिज्म परियोजना के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है।

निगरानी और स्वच्छता

मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच में दायर शपथपत्र के अनुसार, स्थानीय हितधारकों और मंदिर प्रबंधन समिति के साथ चर्चा के बाद मदकू द्वीप में स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन के लिए एक समिति गठित करने पर सहमति बनी है। डीएफओ मुंगेली डीपीआर की प्रगति की नियमित निगरानी करेंगे और जैव विविधता संरक्षण से जुड़ी सभी सिफारिशों का पालन सुनिश्चित करेंगे। स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन समिति प्रत्येक माह प्रगति रिपोर्ट डीएफओ को सौंपेगी, जिसे अगली सुनवाई में हाईकोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा ।