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सुकमा में नक्सलियों ने शिक्षक की हत्या की, पांचवीं घटना

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छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सलियों ने एक अस्थायी शिक्षक की हत्या कर दी है। यह घटना बुधवार की शाम को सिलगेर में हुई, जो पुलिस कैंप से महज तीन किलोमीटर दूर है। नक्सलियों ने शिक्षक लक्ष्मण बरसे को घर से बाहर निकालकर लाठियों और कुल्हाड़ी से मारा।

*हत्या का कारण*

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नक्सलियों को शक था कि लक्ष्मण सिलगेर पुलिस कैंप को जानकारी दे रहा था। लक्ष्मण 12वीं तक पढ़ा था और 10-12 साल से सिलगेर में अस्थायी शिक्षक के रूप में काम कर रहा था। वह सरकार से शिक्षादूतों को नियमित करने के लिए कह रहा था।

छह महीने पहले भाई की हत्या

जानकारी के अनुसार छह महीने पहले माओवादियों ने लक्ष्मण के भाई की भी हत्या कर दी थी। उन्हें शक था कि वह पेगड़ापल्ली गांव में मुखबिर हैं। गांव के एक व्यक्ति ने बताया कि लक्ष्मण ने हाल ही में उससे कहा था कि माओवादियों ने शिक्षकों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है और उसे डर है कि वे उस पर भी हमला कर सकते हैं। बता दे कि लक्ष्मण अपने पीछे पत्नी और दो बच्चों को छोड़ कर गया है। एक बच्चा तीन साल का है और दूसरा छह महीने का है।

पत्नी ने रोकने की कोशिश की

जानकारी के अनुसार लक्ष्मण को नक्सलियों ने कुल्हाड़ी और लाठियों से मारा है। पत्नी ने रोकने की कोशिश की तो नक्सलियों ने बाल पकड़कर दूर हटा दिया। हत्या से पहले कोई धमकी नहीं दी थी, न ही कोई जन अदालत लगाई

*पिछली घटनाएं*

यह घटना पिछले साल सितंबर से अब तक पांचवीं घटना है, जिसमें नक्सलियों ने अस्थायी शिक्षकों की हत्या की है। 14 जुलाई को दो शिक्षादूतों को नक्सलियों ने पड़ोसी बीजापुर जिले में मार डाला था। 19 फरवरी को दंतेवाड़ा जिले में दो लोगों की हत्या कर दी गई थी, जिसमें एक शिक्षादूत भी शामिल था।

*सरकारी पहल*

राज्य सरकार ने बस्तर के दूरदराज के गांवों में शिक्षादूत पहल शुरू की थी, जिसमें HSC पास करने वाला कोई भी ग्रामीण शिक्षक के रूप में काम कर सकता है। उन्हें हर महीने 12,000 रुपये मिलते हैं। लेकिन नक्सली हमलों के कारण इन शिक्षकों की जान जोखिम में है [