नई दिल्ली 18 अक्टूबर 2026 Railway Travel Insurance: भारतीय रेलवे के अनारक्षित और काउंटर टिकट से यात्रा करने वाले करोड़ों आम यात्रियों के लिए एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला सामने आया है। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज, सुप्रीम कोर्ट ने रेलवे को कड़ा निर्देश जारी करते हुए कहा है कि 27 अक्टूबर 2026 से स्टेशन के टिकट काउंटर से टिकट खरीदने वाले यात्रियों को भी अनिवार्य रूप से यात्रा बीमा (Travel Insurance) का लाभ दिया जाए।
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न्यायाधीश अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और न्यायाधीश आर. महादेवन की पीठ ने 6 अक्टूबर को यह निर्णय सुनाते हुए स्पष्ट किया कि काउंटर से टिकट लेने वाले यात्रियों—विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग—के साथ ऑनलाइन बुकिंग करने वालों की तुलना में कोई भेदभाव नहीं किया जा सकता। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज, अदालत ने चेतावनी दी है कि तय सीमा (27 अक्टूबर) तक फैसला लागू न होने की स्थिति में पूरी जवाबदेही सीधे रेलवे बोर्ड की होगी।
ऑनलाइन बनाम काउंटर टिकट: क्या है मौजूदा व्यवस्था?
वर्तमान में IRCTC के माध्यम से ऑनलाइन टिकट बुक करने पर यात्रियों को बीमा चुनने का विकल्प मिलता है, जिसके लिए मात्र 45 पैसे (₹0.45) का प्रीमियम देना होता है। दुर्घटना में मौत या पूर्ण विकलांगता की स्थिति में इसमें अधिकतम 10 लाख रुपये तक के मुआवजे का प्रावधान है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने काउंटर टिकट धारकों के लिए प्रीमियम दर और कवरेज राशि का निर्धारण रेलवे पर छोड़ दिया है, जिसकी स्पष्ट जानकारी रेलवे प्रशासन द्वारा जल्द जारी की जाएगी।
सुरक्षा मानकों पर ढिलाई पर रेलवे को कड़ी फटकार
बीमा सुविधा के अलावा, शीर्ष अदालत ने रेल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर रेलवे के ढीले रवैये और कागजी दावों पर भी गहरी नाराजगी जताई:
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अपुरा बजट: हादसों को रोकने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आवंटित बजट का पूरा इस्तेमाल न होने पर कोर्ट ने सवाल उठाए।
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फेंसिंग का धीमा काम: पटरियों के आसपास बाड़ लगाने (फेंसिंग) का कार्य हर साल निर्धारित लक्ष्य से लगभग एक-तिहाई पीछे रह जाता है।
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चेतावनी: अदालत ने साफ कहा कि यदि सुरक्षा मानकों में तुरंत सुधार नहीं दिखता, तो वह मौजूदा रेलवे बोर्ड को पद पर बनाए रखने अथवा हटाने पर विचार कर सकती है।
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