नई दिल्ली/हैदराबाद 17 अक्टूबर 2026: वॉट्सऐप (WhatsApp) का इस्तेमाल करने वाले करोड़ों यूजर्स के लिए एक नया साइबर स्कैम चिंता का विषय बना हुआ है। हाल ही में एक साइबर धोखाधड़ी का मामला सामने आने के बाद हैदराबाद पुलिस कमिश्नर वीसी सज्जनार ने आम जनता को सतर्क रहने की चेतावनी दी है। ठगों की नई तरकीब के तहत यूजर्स को उनके बैंक खाते से पैसे कटने का फर्जी संदेश भेजा जा रहा है और खुद को बचाने के लिए जवाब में सिर्फ ‘No’ लिखने को कहा जाता है।

पुलिस के अनुसार, इस कथित फ्रॉड के झांसे में आकर एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। हालांकि, तकनीकी विशेषज्ञों और स्वतंत्र जांच के आधार पर केवल ‘No’ मैसेज रिप्लाई करने से फोन हैक होने या बैंक खाता पूरी तरह खाली होने की आधिकारिक तकनीकी पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पैनिक में आकर ऐसे मैसेजेस का जवाब देना खतरे से खाली नहीं है।
क्या है वॉट्सऐप का ‘No’ स्कैम?
इस धोखाधड़ी में किसी अनजान नंबर से वॉट्सऐप पर एक फर्जी अलर्ट मैसेज आता है। इसमें दावा किया जाता है कि आपके बैंक खाते से एक निश्चित रकम काट ली गई है। मैसेज के अंत में लिखा होता है— “यदि आपने यह ट्रांजैक्शन नहीं किया है, तो जवाब में केवल No भेजें।”
अनजान नंबर से पैसे कटने का संदेश देखते ही लोग अक्सर घबरा जाते हैं और बिना सोचे-समझे ‘No’ लिखकर रिप्लाई कर देते हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भले ही मैसेज में आपके बैंक का नाम या ट्रांजैक्शन का विवरण क्यों न लिखा हो, इससे उसकी प्रामाणिकता साबित नहीं होती है।
बिना OTP कैसे हो सकती है ठगी?
साइबर विशेषज्ञों का मानना है कि ऑनलाइन ठगी सिर्फ OTP या पासवर्ड चुराने तक सीमित नहीं है। साइबर अपराधी फर्जी लिंक, मैलवेयर युक्त फाइल्स, नुकसान पहुंचाने वाले थर्ड- पार्टी ऐप्स और फोन/कंप्यूटर का रिमोट एक्सेस हासिल करके भी ठगी को अंजाम देते हैं।
कमिश्नर ने इस घटना को कथित ‘ऑटो-एग्जीक्यूशन फाइल अटैक’ से जोड़ा है। हालांकि, इस विशिष्ट मामले में यह हमला तकनीकी रूप से कैसे हुआ, इसकी विस्तृत स्वतंत्र जांच रिपोर्ट उपलब्ध नहीं है। फिर भी सावधानी के तौर पर ऐसे अनजान मैसेजेस का जवाब देने से पूरी तरह परहेज करना चाहिए।
वॉट्सऐप पर संदिग्ध मैसेज आने पर क्या करें?
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मैसेज का जवाब न दें: किसी भी अनजान नंबर से आए बैंक ट्रांजैक्शन से जुड़े निर्देशों का पालन न करें।
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ब्लॉक और डिलीट करें: रिप्लाई करने के बजाय नंबर को तुरंत ब्लॉक करें और मैसेज डिलीट कर दें।
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लिंक या ऐप से बचें: मैसेज में दिए किसी भी लिंक पर क्लिक न करें और न ही कोई अनजान ऐप डाउनलोड करें।
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बैंक से सीधे संपर्क करें: खाते का वास्तविक बैलेंस जांचने के लिए केवल बैंक के आधिकारिक ऐप, नेट बैंकिंग या आधिकारिक कस्टमर केयर नंबर का ही उपयोग करें।
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गोपनीय जानकारी न दें: अपना OTP, UPI PIN या बैंकिंग पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें।
महत्वपूर्ण जानकारी: यदि आप किसी वित्तीय साइबर ठगी का शिकार हो जाते हैं, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें और cybercrime.gov.in पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत दर्ज करने से ठगी की राशि को होल्ड कराने की संभावना बढ़ जाती है।




