जिला प्रशासन और कलेक्टर कुणाल दुदावत की पहल; आर्थिक रूप से कमजोर पात्र विद्यार्थियों की आगे की उच्च शिक्षा का पूरा खर्च भी उठाएगा जिला प्रशासन
कोरबा, 17 अक्टूबर 2026 Disha Project Korba — कोरबा जिले के प्रतिभाशाली और होनहार विद्यार्थियों के सपनों को नई उड़ान देने के लिए जिला प्रशासन द्वारा एक सराहनीय पहल की गई है। ‘दिशा परियोजना’ के अंतर्गत कक्षा दसवीं की वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षा में मेधा सूची (मेरिट लिस्ट) में स्थान प्राप्त करने वाले 150 विद्यार्थियों को संयुक्त प्रवेश परीक्षा (JEE) और राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) जैसी कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

इस योजना की रूपरेखा और व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी देने के लिए कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में चयनित सभी विद्यार्थियों और उनके पालकों (अभिभावकों) को आमंत्रित किया गया था।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने दी कोचिंग व व्यवस्थाओं की जानकारी
बैठक की अध्यक्षता करते हुए कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने विद्यार्थियों और उनके परिजनों को दिशा परियोजना के मुख्य उद्देश्यों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को न केवल उच्च स्तरीय शैक्षणिक मार्गदर्शन मिलेगा, बल्कि उनके रहने, भोजन और नियमित अध्ययन के लिए सर्वसुविधायुक्त आवासीय व्यवस्था भी उपलब्ध कराई जाएगी।
कलेक्टर ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की कार्ययोजना, अनुभवी शिक्षकों के मार्गदर्शन, हॉस्टल व्यवस्था और दैनिक अध्ययन दिनचर्या के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने पालकों से अपील की कि वे इस पूरी व्यवस्था को समझें और बच्चों को मानसिक व नैतिक रूप से सहयोग देकर उनका हौसला बढ़ाएं।
सफलता के लिए दिए सफलता के गुरुमंत्र
कलेक्टर श्री दुदावत ने विद्यार्थियों को जेईई, नीट और देश के प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IITs) व मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश की पूरी प्रक्रिया समझाई। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा:
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लक्ष्य स्पष्ट रखें: प्रतियोगी परीक्षा में सफलता के लिए दृढ़ संकल्प और स्पष्ट लक्ष्य का होना बेहद जरूरी है।
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समय प्रबंधन और निरंतरता: नियमित अध्ययन, समय का सही सदुपयोग और कठिन विषयों पर बार-बार अभ्यास ही सफलता की कुंजी है।
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स्वयं से प्रतिस्पर्धा: उन्होंने बच्चों से कहा कि किसी और से तुलना करने के बजाय हर दिन खुद से बेहतर प्रदर्शन करने का प्रयास करें। अनुशासित दिनचर्या, मेहनत और धैर्य के साथ हर लक्ष्य को पाया जा सकता है।
आर्थिक रूप से कमजोर मेधावियों की उच्च शिक्षा का खर्च उठाएगा प्रशासन
बैठक में एक अत्यंत महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कलेक्टर ने बताया कि जिले में शिक्षा के स्तर को ऊँचा उठाने के लिए जिला खनिज न्यास (DMF) मद से राशि स्वीकृत की गई है।
दिशा परियोजना के अंतर्गत चयनित जिन विद्यार्थियों के परिवार की वार्षिक आय 8 लाख रुपये से कम है या जो गरीबी रेखा से नीचे (BPL) जीवनयापन करते हैं, उनके जेईई या नीट में चयन के बाद आगे की उच्च शिक्षा का पूरा खर्च कोरबा जिला प्रशासन द्वारा वहन किया जाएगा। उन्होंने पालकों को आश्वस्त किया कि आर्थिक तंगी किसी भी होनहार बच्चे की पढ़ाई में बाधा नहीं बनेगी।
शंका समाधान और संवाद सत्र
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को अपनी शंकाएँ और सवाल पूछने का अवसर दिया गया। छात्रों ने परीक्षा की तैयारी की रणनीति, टाइम-टेबल, रिवीजन और आगे की करियर संभावनाओं से जुड़े कई प्रश्न पूछे। कलेक्टर श्री दुदावत ने अत्यंत सहज और सरल ढंग से सभी प्रश्नों के उत्तर दिए, जिससे विद्यार्थियों का आत्मविश्वास और बढ़ा।
वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) श्री प्रतीक जैन ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया और उनका मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम में अपर कलेक्टर, सहायक आयुक्त (आदिवासी विकास विभाग), जिला शिक्षा अधिकारी (DEO), शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी, विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकगण, चयनित विद्यार्थी और उनके अभिभावक बड़ी संख्या में मौजूद रहे।




