नई दिल्ली, 11 अक्टूबर। जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने आए कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के वरिष्ठ नेताओं—अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास—को रविवार को रिहा कर दिया गया। दिल्ली पुलिस ने उन्हें 10 अक्टूबर को दिल्ली हवाई अड्डे पर उतरते ही एहतियातन हिरासत में लिया था और बाद में गिरफ्तार कर लिया था।

रविवार को तीनों नेताओं को दिल्ली कैंट स्थित स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) की अदालत में पेश किया गया। कॉजपा की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह और दिल्ली पुलिस के अनुसार, अदालत ने नेताओं को 50,000 रुपये के निजी मुचलके (जमानत बांड) पर इस शर्त के साथ रिहा किया कि वे अगले एक साल तक शांति बनाए रखेंगे और अच्छे आचरण का पालन करेंगे।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 (शांति बनाए रखने हेतु) और धारा 170 (संज्ञेय अपराध रोकने हेतु गिरफ्तारी) के तहत की गई थी।
दिल्ली में कड़ा सुरक्षा पहरा और भारी गिरफ्तारियां
जंतर-मंतर पर विपक्षी दलों के प्रदर्शन को देखते हुए पूरी राजधानी में सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस और अर्धसैनिक बलों के 30,000 से अधिक जवानों को तैनात किया गया है। शनिवार को प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे 7,000 से अधिक लोगों को शहर के अलग-अलग हिस्सों से हिरासत में लिया गया।
हिरासत में लिए जाने वालों में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार जैसे बड़े विपक्षी चेहरे भी शामिल थे।
विपक्ष की मुख्य मांग
कॉजपा और अन्य विपक्षी दल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं का विरोध कर रहे हैं। विपक्षी नेताओं की मुख्य मांग मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा है। कॉजपा ने रविवार को भी जंतर-मंतर पर अपना प्रदर्शन जारी रखने का आह्वान किया है।


