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साष्टांग प्रणाम और ‘सोनार बांग्ला’ का संकल्प: बंगाल के सियासी मंच पर पीएम मोदी का ऐतिहासिक नमन

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कोलकाता | 10 मई, 2026

राजनीति में कुछ तस्वीरें शब्दों से कहीं ज्यादा प्रभावशाली होती हैं। पश्चिम बंगाल में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान एक ऐसा ही दृश्य कैमरे में कैद हुआ, जिसने करोड़ों लोगों का दिल जीत लिया। //आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज// प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंच पर पहुंचते ही पश्चिम बंगाल की जनता के प्रति अपना अटूट सम्मान प्रकट करते हुए साष्टांग प्रणाम किया।

‘जनशक्ति’ को समर्पित सोशल मीडिया पोस्ट

प्रधानमंत्री ने इस भावुक पल का वीडियो अपने इंस्टाग्राम पर साझा करते हुए कैप्शन में लिखा— “मैं पश्चिम बंगाल की जनशक्ति को नमन करता हूं।” यह नमन केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि उस जनादेश के प्रति कृतज्ञता थी जिसने बंगाल की सत्ता के समीकरणों को पूरी तरह बदल कर रख दिया है। //आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज// यह दृश्य देश को उस पल की याद दिला गया जब पीएम मोदी ने पहली बार संसद की सीढ़ियों पर सिर झुकाकर लोकतंत्र के मंदिर का सम्मान किया था।

टैगोर जयंती और सत्ता परिवर्तन का अनूठा संयोग

इस शपथ ग्रहण समारोह की टाइमिंग भी बेहद खास रही। नई सरकार का गठन गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती के पावन अवसर पर हुआ। बंगाल की सांस्कृतिक अस्मिता के प्रतीक गुरुदेव के जन्मदिवस पर सत्ता का यह हस्तांतरण मात्र संयोग नहीं, बल्कि एक गहरा सांस्कृतिक संदेश है। यह ‘सोनार बांग्ला’ के उस विजन को धरातल पर उतारने के संकल्प जैसा है, जिसका वादा चुनाव के दौरान किया गया था।

बिहार से बंगाल तक: सच साबित हुई मोदी की भविष्यवाणी

राजनीतिक गलियारों में आज पीएम मोदी के उस पुराने बयान की भी जमकर चर्चा हो रही है, जो उन्होंने बिहार चुनाव की जीत के बाद दिया था। तब उन्होंने संकेत दिया था कि “बिहार के नतीजों ने बंगाल का रास्ता खोल दिया है।” आज बंगाल में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री की ताजपोशी के साथ ही वह रणनीतिक आकलन पूरी तरह सच साबित हुआ है।

लोकतंत्र में जनता ही ‘जनार्दन’

प्रधानमंत्री का साष्टांग दंडवत होना यह दर्शाता है कि सत्ता के शिखर पर होने के बावजूद, लोकतंत्र में जनता का स्थान सर्वोपरि है। बंगाल की मिट्टी और वहां के लोगों के संघर्ष को यह नमन एक नई राजनीतिक यात्रा की शुरुआत का प्रतीक बन गया ।

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