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‘बिहान’ से बदली किस्मत: कोरबा की सावित्री उरांव बनीं मिसाल, कपड़ों के व्यापार से सालाना कमा रहीं 8 लाख रुपये

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कोरबा | 08 मार्च 2026 छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘बिहान’ (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) ग्रामीण अंचलों में महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश की महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से समृद्ध हो रही हैं, बल्कि उद्यमिता के क्षेत्र में नए कीर्तिमान भी स्थापित कर रही हैं। इसी कड़ी में कोरबा जिले के विकासखंड करतला के ग्राम सरगबुंदिया की रहने वाली श्रीमती सावित्री उरांव आत्मनिर्भरता की एक सशक्त पहचान बनकर उभरी हैं।

संघर्षपूर्ण अतीत और नई शुरुआत

सावित्री उरांव का जीवन पहले आर्थिक असुरक्षा और सीमित आय के कारण काफी चुनौतीपूर्ण था। परिवार की जरूरतों को पूरा करना एक बड़ा संघर्ष था। लेकिन जब वे राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित स्व-सहायता समूह से जुड़ीं, तो उनके आत्मविश्वास को नई दिशा मिली। जिला प्रशासन और एनआरएलएम (NRLM) के माध्यम से उन्हें वित्तीय साक्षरता, उद्यम विकास और नेतृत्व क्षमता का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

बैंक लिंकेज और व्यवसाय विस्तार

प्रशिक्षण के बाद सावित्री के समूह को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा गया। उन्हें रिवॉल्विंग फंड, सामुदायिक निवेश निधि और बैंक ऋण जैसी सुविधाएं प्राप्त हुईं। इस आर्थिक संबल का सही उपयोग करते हुए उन्होंने कपड़ों का व्यापार शुरू किया। उनके निरंतर परिश्रम और जिला प्रशासन के सही मार्गदर्शन का ही परिणाम है कि आज सावित्री उरांव की वार्षिक आय लगभग 8 लाख रुपये तक पहुँच चुकी है।

सामाजिक सम्मान और सशक्त नेतृत्व

आज सावित्री उरांव न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधार चुकी हैं, बल्कि अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा और पोषण भी प्रदान कर रही हैं। वे अब गांव की दूसरी महिलाओं के लिए एक रोल मॉडल बन गई हैं और उन्हें बचत करने व स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

उन्होंने अपनी इस अभूतपूर्व सफलता का पूरा श्रेय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और कोरबा जिला प्रशासन को दिया है, जिनके सहयोग से वे आज एक सफल उद्यमी के रूप में अपनी पहचान बना पाई हैं।


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