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महा-डकैती या महा-रहस्य? चोरला घाट के सूनसान रास्तों से गायब हुए 1000 करोड़!

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पणजी/मुंबई: महाराष्ट्र और कर्नाटक की सीमा पर स्थित ‘चोरला घाट’ इन दिनों एक ऐसी रहस्यमयी घटना का केंद्र बना हुआ है, जिसे देश के इतिहास की सबसे बड़ी डकैती कहा जा रहा है। दावा है कि घने जंगलों के बीच से 1000 करोड़ रुपये से भरे दो कंटेनर हवा में गायब हो गए।

क्या है पूरा मामला?

घटना पिछले साल 16 अक्टूबर की है। महाराष्ट्र के रियल एस्टेट कारोबारी किशोर सेठ के दो विशाल कंटेनर गोवा से कर्नाटक के रास्ते महाराष्ट्र जा रहे थे। जब ये कंटेनर चोरला घाट के सुनसान मोड़ों से गुजर रहे थे, तभी फिल्मी अंदाज में बदमाशों ने इन्हें हाईजैक कर लिया। उसके बाद से न कंटेनरों का सुराग मिला और न ही उस भारी-भरकम कैश का।

400 करोड़ नहीं, पूरे 1000 करोड़ की लूट!

शुरुआत में इस लूट की रकम 400 करोड़ बताई जा रही थी, लेकिन कारोबारी के पार्टनर संदीप पाटिल ने एक वीडियो जारी कर सबको चौंका दिया है। पाटिल का दावा है कि कंटेनरों में 1000 करोड़ रुपये थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि लूट के बाद उन्हें अगवा कर डेढ़ महीने तक प्रताड़ित किया गया। किसी तरह जान बचाकर वे नासिक पुलिस के पास पहुंचे, तब जाकर इस ‘मेगा स्कैम’ की परतें खुलीं।

चुनावी कनेक्शन और SIT की जांच

सूत्रों की मानें तो यह पैसा महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों में इस्तेमाल के लिए ले जाया जा रहा था। मामला इतना गंभीर है कि महाराष्ट्र सरकार ने इसकी जांच के लिए SIT (विशेष जांच दल) का गठन कर दिया है। एक ऑडियो क्लिप भी वायरल हो रही है, जिसमें कथित तौर पर कारोबारी और आरोपी के बीच सौदेबाजी की बात हो रही है।

पुलिस के सामने बड़ी चुनौती

इतने बड़े दावों के बावजूद पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं। बेलगावी के पुलिस अधीक्षक के. रामराजन का कहना है कि अभी तक कोई ठोस सबूत या औपचारिक FIR कर्नाटक में दर्ज नहीं हुई है। वहीं, कर्नाटक के गृह मंत्री ने भी इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

बड़ा सवाल: क्या वाकई 1000 करोड़ रुपये गायब हुए हैं, या यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा है? चोरला घाट के जंगलों में छिपा यह राज अब SIT की जांच के बाद ही खुलेगा।