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नगपुरा शिव महापुराण में हंगामा: पंडाल के पैसों को लेकर भिड़े आयोजक और टेंट संचालक, कथा के बीच डोम उखाड़ने पहुंचे कर्मचारी

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दुर्ग छत्तीसगढ़ 21 दिसंबर| जिले के नगपुरा में आयोजित पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब टेंट और डोम के भुगतान को लेकर विवाद गहरा गया। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि बकाया राशि न मिलने से नाराज टेंट संचालक कथा के बीच में ही अपना सामान समेटने और डोम उखाड़ने दलबल के साथ पहुंच गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने हस्तक्षेप कर मामले को शांत कराया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

1.15 करोड़ की डील, भुगतान सिर्फ 30 लाख

सूत्रों के अनुसार, आयोजन समिति और टेंट संचालक नरेंद्र साहू के बीच पूरा सेटअप लगाने के लिए 1.15 करोड़ रुपये का सौदा हुआ था। हालांकि, अब तक टेंट संचालक को केवल 25 से 30 लाख रुपये का ही भुगतान किया गया है। बकाया राशि को लेकर शुक्रवार रात से ही खींचतान चल रही थी, जिसने शनिवार सुबह विवाद का उग्र रूप ले लिया।

काम और गुणवत्ता पर उठे सवाल

मामले में जिला पंचायत सदस्य और आयोजन समिति की सदस्य प्रिया साहू ने समिति का पक्ष रखते हुए कहा कि विवाद केवल पैसों का नहीं, बल्कि काम की गुणवत्ता का भी है। उन्होंने आरोप लगाया कि:

  • टेंट संचालक को जो साइज बताया गया था, उसने उस अनुसार डोम तैयार नहीं किया।

  • पंडाल छोटा होने के कारण श्रद्धालुओं को बैठने में भारी असुविधा हो रही है।

  • समिति का कहना है कि भुगतान काम के आधार पर ही किया जाएगा, जबकि संचालक पूरी राशि की मांग पर अड़ा है।

पुलिस के हस्तक्षेप से संभली स्थिति

कथा 17 से 21 दिसंबर तक प्रस्तावित है। विवाद के चलते शुक्रवार रात को भी डोम हटाने की कोशिश की गई थी। शनिवार सुबह जब फिर से हंगामा बढ़ा, तो पुलिस को बीच-बचाव करना पड़ा। समिति ने स्पष्ट किया है कि जब तक कथा संपन्न नहीं हो जाती, टेंट निकालने नहीं दिया जाएगा।

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