Latest News
रायपुर: श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल ने पार किया 45 हजार बाल शल्य चिकित्सा का ऐतिहासिक आंकड़ा, मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने जताई खुशी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का रायपुर दौरा आज: ‘विकसित भारत संकल्प पार्क’ का करेंगे उद्घाटन,दौरे का पूरा मिनट-टू-मिनट शेड्यूल राज्योत्सव कार्यक्रम के दौरान एक पत्रकार के साथ मारपीट का मामला सामने आया, CAF आरक्षक निलंबित अरब सागर में भारतीय नौसेना का बड़ा पराक्रम: 48 घंटे के सुनियोजित रेस्क्यू ऑपरेशन में मछली पकड़ने वाले जहाज ‘अजिनी’ और 20 क्रू मेंबर्स सुरक्षित मुक्त रामलीला मैदान की महारैली: INDIA गठबंधन की एकजुटता और सत्ता पक्ष के लिए बड़ी चुनौती झुंझुनू हादसा: करंट की चपेट में आने से 8 मजदूरों की दर्दनाक मौत, प्रधानमंत्री और सीएम ने जताया गहरा शोक
Home » Uncategorized » कस्टम मिलिंग स्कैम प्रकरण में ईओडब्ल्यू द्वारा अनिल टुटेजा एवं अनवर ढेबर के विरूद्ध चालान पेश

कस्टम मिलिंग स्कैम प्रकरण में ईओडब्ल्यू द्वारा अनिल टुटेजा एवं अनवर ढेबर के विरूद्ध चालान पेश

Share:

 

रायपुर छत्तीसगढ़:कस्टम मिलिंग स्कैम प्रकरण अपराध क्रमांक-01/2024 में आज दिनांक 06.10.2025 को आरोपी-अनिल टुटेजा एवं अनवर ढेबर के विरूद्ध भा.द.वि. की धारा 120बी, 384 एवं 409 तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (यथा संशोधित भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018) की धारा 11, 13(1)(क), 13(2) के अंतर्गत माननीय विशेष न्यायालय (भ्र.नि.अ.) रायपुर में 1,500 पेज का अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया। दोनों आरोपी केन्द्रीय जेल रायपुर में निरूद्ध हैं। पूर्व में फरवरी 2025 में रोशन चन्द्राकर एवं मनोज सोनी के खिलाफ ईओडब्ल्यू के द्वारा कस्टम मिलिंग स्कैम में प्रथम चालान प्रस्तुत किया गया था।
अनिल टुटेजा द्वारा छ.ग. प्रदेश राईस मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ प्रारंभ से आपराधिक षडयंत्रपूर्वक कस्टम मिलिंग स्कैम में राईस मिलरों से अवैध वसूली की गई है एवं इस अवैध वसूली से असम्यक लाभ कम से कम 20 करोड़ रूपये भी प्राप्त किया गया है। राईस मिलरों से अवैध वसूली करने हेतु मार्कफेड के जिला विपणन अधिकारियों पर दबाव बनाकर राईस मिलरों का बिल लंबित रखा जाता था, जिससे कि राईस मिलर दबाव में आकर 20 रू. प्रति क्विंटल की दर से अवैध धनराशि देते थे।
अनवर ढेबर वर्ष 2022-23 में राजनीतिक रूप से प्रभावशील व्यक्ति थे। आयकर विभाग के छापे के दौरान प्राप्त डिजिटल साक्ष्यों से इस बात के प्रमाण मिले हैं कि वह न केवल शराब घोटाले बल्कि तत्कालीन शासन के अन्य महत्वपूर्ण विभागों जैसे-पीडब्ल्यूडी, वन विभाग पर भी गहरा एवं प्रत्यक्ष प्रभाव डालते थे। अनवर ढेबर के द्वारा कस्टम मिलिंग स्कैम में अनिल टुटेजा के लिये राईस मिलरों से की गई अवैध वसूली का संग्रहण, व्यय, निवेश एवं उपभोग किया गया है।
प्रकरण में रामगोपाल अग्रवाल एवं अन्य आरोपियों के विरूद्ध विवेचना जारी है।