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आरएसएस के शताब्दी समारोह में मुख्य अतिथि होंगे पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपने शताब्दी समारोह के लिए पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया है। यह समारोह विजयदशमी के अवसर पर नागपुर में आयोजित किया जाएगा, जिसमें आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत भी मौजूद रहेंगे।

आरएसएस की स्थापना और इतिहास
आरएसएस की स्थापना 1925 में विजयदशमी के दिन हुई थी। तब से यह संगठन अपना वार्षिक मुख्य कार्यक्रम विजयदशमी के अवसर पर ही करता आया है। नागपुर में संघ का मुख्यालय है और यह बीजेपी का वैचारिक अगुवा संगठन है, जो मूल रूप से सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के विचारों पर समाज सेवा में सौ वर्षों से जुटा हुआ है।

शताब्दी समारोह का महत्व
आरएसएस इस साल अपनी स्थापना की 100वीं वर्षगांठ मना रहा है। इस अवसर पर आयोजित शताब्दी समारोह में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का शामिल होना एक महत्वपूर्ण क्षण होगा। इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भी आरएसएस के कार्यक्रम में शामिल हो चुके हैं।

समारोह के विवरण
शताब्दी समारोह 2 अक्टूबर, 2025 को सुबह 7:40 बजे रेशिमबाग, नागपुर में आयोजित होगा। इस अवसर पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का मार्गदर्शक उद्बोधन होगा।

पीएम मोदी की सराहना
पीएम नरेंद्र मोदी ने 79वें स्वतंत्रता दिवस पर अपने भाषण में आरएसएस की सराहना की थी और इसे दुनिया का सबसे बड़ा एनजीओ बताया था। उन्होंने संघ के समर्पण भाव से किए जाने वाले कार्यों की जमकर सराहना की थी।