Latest News
छत्तीसगढ़ की ‘विकास और विरासत’ का साक्षी बनेगा भारत मंडपम: 45वें इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में सजेगा भव्य पवेलियन सिरपुर बना विश्व धरोहर का दावेदार: यूनेस्को की अस्थायी सूची में शामिल हुई छत्तीसगढ़ की प्राचीन सांस्कृतिक नगरी मंत्रीजी की राह में उमड़ी ‘नारी शक्ति’: बलरामपुर में पुल के उद्घाटन पर बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर महिलाओं ने घेरा काफिला कोरबा में दशहरा की रात युवक की हत्या का खुलासा: डीजे पर नाचने के दौरान हुआ था विवाद, सभी आरोपी गिरफ्तार  मैच ग्रुप की नई पहल: टिंडर और हिंज पर स्क्रीनशॉट बंद, सुरक्षा के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन और I4C से हाथ मिलाया कोरबा में खूनी संघर्ष: रावण दहन देखने आए युवक की चाकू मारकर हत्या, तीन गिरफ्तार
Home » छत्तीसगढ़ » मंत्रीजी की राह में उमड़ी ‘नारी शक्ति’: बलरामपुर में पुल के उद्घाटन पर बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर महिलाओं ने घेरा काफिला

मंत्रीजी की राह में उमड़ी ‘नारी शक्ति’: बलरामपुर में पुल के उद्घाटन पर बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर महिलाओं ने घेरा काफिला

Share:

बलरामपुर 21 अक्टूबर  2026 : छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ कपिलदेवपुर गांव में एक उच्च स्तरीय पुल के उद्घाटन समारोह के दौरान ग्रामीण महिलाओं के आक्रोश का सामना शासन-प्रशासन को करना पड़ा। कार्यक्रम के बाद लौट रहे प्रदेश के कृषि मंत्री रामविचार नेताम के काफिले को गिरवरगंज पंचायत की महिला सरपंच संस्कृति रक्सेल की अगुवाई में दर्जनों महिलाओं ने बीच रास्ते में रोक दिया।

क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, कृषि मंत्री रामविचार नेताम कपिलदेवपुर गांव में पुल का लोकार्पण करने पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण अपनी समस्याएं और मांगें मंत्री के समक्ष रखना चाहते थे, लेकिन उन्हें अपनी बात कहने का उचित मंच और पर्याप्त समय नहीं मिल सका। इसी बात से आहत और नाराज ग्रामीण महिलाओं ने एकजुट होकर सीधे मंत्रीजी के काफिले के सामने आकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। अचानक हुए इस विरोध-प्रदर्शन से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

शिक्षा और सरकारी कामकाज से जुड़ी थीं मुख्य मांगें

प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने गांव में मूलभूत सुविधाओं के अभाव पर गंभीर सवाल उठाए। उनकी मुख्य मांगें थीं:

  • नया स्कूल भवन: गांव में बेहतर स्कूल भवन न होने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, जिसे तुरंत दुरुस्त किया जाए।

  • सुसज्जित पंचायत भवन: वर्तमान पंचायत भवन की स्थिति जर्जर और असंतोषजनक है, जिससे ग्रामीणों को प्रशासनिक कामकाज कराने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

महिलाओं का स्पष्ट कहना था कि जब तक गांव में शिक्षा और पंचायत स्तर की बुनियादी सुविधाएं बेहतर नहीं होंगी, तब तक क्षेत्र का वास्तविक विकास संभव नहीं है।

सुरक्षाकर्मियों ने कराया रास्ता साफ, वीडियो वायरल

काफिला रुकते ही मौके पर तैनात पुलिस और सुरक्षा कर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए स्थिति को नियंत्रण में लिया। सुरक्षा बलों ने महिलाओं को समझा-बुझाकर मंत्री के वाहन को वहां से सुरक्षित रवाना कराया।

इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद से क्षेत्र में विकास कार्यों और ग्रामीणों की अनदेखी को लेकर बहस छिड़ गई है।