महासमुंद 17 अक्टूबर 2026 । छत्तीसगढ़ की महासमुंद पुलिस ने खैर लकड़ी की कथित अवैध तस्करी और फर्जी कागजातों के जरिए चलाए जा रहे एक बड़े अंतरराज्यीय सिंडिकेट पर करारी चोट की है। पुलिस ने हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा और मध्य प्रदेश सहित चार राज्यों में ताबड़तोड़ छापेमारी कर अब तक ₹2.51 करोड़ की भारी-भरकम नकदी और लगभग 70 टन खैर लकड़ी बरामद की है।

इस सिलसिले में पुलिस ने हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले से ‘शिव ट्रेडर्स’ के संचालक सतपाल सिंह को गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर महासमुंद ले आई है, जिसे न्यायालय में पेश किया जा रहा है। मामले में तीन अन्य आरोपियों—मनीष अग्रवाल, पारितोष मिश्रा और अखिलेश सिंघल—को पहले ही सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है।
कार्रवाई के मुख्य बिंदु:
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हिमाचल से ₹1.70 करोड़ की जब्ती: सिरमौर (हिमाचल प्रदेश) में की गई कार्रवाई के दौरान पुलिस को 1.70 करोड़ रुपये नकद मिले, जिसके तार सीधे तस्करी नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका है। इससे पूर्व सरसीवा में मनीष अग्रवाल के ठिकाने से 81 लाख रुपये नकद बरामद हुए थे।
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चार राज्यों में दबिश, गोदामों से लकड़ी बरामद: पुलिस ने हरियाणा के गुरुग्राम (बहोड़ा कलां) स्थित श्री बालाजी ट्रेडिंग के गोदाम से करीब 15 टन खैर लकड़ी जब्त की। चारों राज्यों से कुल मिलाकर 70 टन लकड़ी बरामद की गई है।
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फर्जी दस्तावेजों से खेल: जांच के अनुसार, यह गिरोह बिना वास्तविक माल की डिलीवरी के फर्जी बिल तैयार करता था और वन विभाग के नकली ट्रांजिट पास के जरिए परिवहन को वैध दिखाने का प्रयास करता था।
पुलिस ने इस गिरोह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), आर्म्स एक्ट और भारतीय वन अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले मुख्य ठिकानों, सप्लाई चेन और इस अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों की गहनता से पड़ताल कर रही है।




