कोरबा 16 अक्टूबर 2026: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के पसान क्षेत्र में हाथियों के लगातार उत्पात से त्रस्त ग्रामीणों ने आखिरकार सड़कों पर उतरकर अपना आक्रोश व्यक्त किया। फसलों की भारी बर्बादी, घरों को पहुंच रहे नुकसान और अपनी जान-माल की सुरक्षा की मांग को लेकर ग्रामीणों ने पसान बस स्टैंड चौक पर जमकर चक्काजाम किया।

इस विरोध प्रदर्शन के कारण पेंड्रा-कटघोरा मुख्य मार्ग पर घंटों यातायात पूरी तरह ठप रहा और सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। हालांकि, प्रशासनिक अधिकारियों के मौके पर पहुंचकर उचित कार्रवाई और समाधान का आश्वासन देने के बाद ग्रामीणों ने अपना आंदोलन समाप्त किया, जिसके बाद यातायात को सुचारू रूप से बहाल कराया गया।
डेढ़ महीने से डेरा जमाए हैं 60 हाथी
ग्रामीणों के अनुसार, पिछले करीब डेढ़ महीने से लगभग 60 हाथियों का एक बड़ा दल पसान क्षेत्र के अलग-अलग इलाकों में लगातार विचरण कर रहा है। हाथियों का यह झुंड खेतों में घुसकर पकती हुई धान की फसल को रौंद रहा है और कई घरों को भी नुकसान पहुंचा चुका है। क्षेत्र में हाथियों की निरंतर मौजूदगी से ग्रामीणों के बीच भारी दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि उन्हें अपनी और परिवार की जान बचाने के लिए रात-रातभर जागकर अपने घरों और खेतों की रखवाली करनी पड़ रही है। इस गंभीर समस्या के कारण बच्चों की पढ़ाई और गांवों की सामान्य दिनचर्या पर भी बुरा असर पड़ रहा है।
पूर्व सरपंच विनीता देवी और महिला नेत्री सरोज अग्रवाल के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में पसान, तेलियामार और आसपास के कई प्रभावित गांवों के ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए। उन्होंने प्रशासन के सामने सुरक्षा और मुआवजे से जुड़ी कई प्रमुख मांगें रखीं:
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प्रभावित गांवों में तुरंत स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएं।
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पहाड़ी क्षेत्रों के पास हाथियों को रिहायशी इलाकों में आने से रोकने के लिए सुरक्षा फेंसिंग की व्यवस्था हो।
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हाथियों की सटीक निगरानी के लिए ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया जाए और वन विभाग की टीम को मजबूत किया जाए।
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प्रभावित परिवारों को तत्काल जरूरी सुरक्षा सामग्री उपलब्ध कराई जाए।
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हाथियों द्वारा नष्ट की गई फसलों का त्वरित सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिया जाए।
प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद थमा विरोध
चक्काजाम की सूचना मिलते ही पोड़ी उपरोड़ा के एसडीएम, तहसीलदार, वन विभाग की टीम और पसान थाने की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी ग्रामीणों से लंबी चर्चा कर उनकी सभी समस्याएं सुनीं। प्रशासन की ओर से जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने और समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाए जाने के बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने पेंड्रा-कटघोरा मुख्य मार्ग पर यातायात को बहाल कराया।
वन विभाग की कार्रवाई और बच्चों की सुरक्षा
दूसरी ओर, वन विभाग की टीम हाथियों के इस झुंड को सुरक्षित रूप से घने जंगल की ओर खदेड़ने का निरंतर प्रयास कर रही है। हाथियों के सड़क पार करने के संभावित रास्तों पर सुरक्षा के मद्देनजर मार्ग के दोनों किनारों पर वनकर्मियों को तैनात किया गया है। साथ ही, ग्रामीणों को सतर्क और सावधान करने के लिए मुनादी भी कराई जा रही है।
हाथियों के इस भयंकर उत्पात का सीधा असर बच्चों की शिक्षा पर भी पड़ रहा है। तेलियामार गांव में स्थित छात्रावास परिसर के बगीचे को हाथियों द्वारा नुकसान पहुंचाए जाने के बाद सुरक्षा कारणों के चलते लगभग 160 बच्चों की छुट्टी कर दी गई है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों और प्रशासन की चिंताएं लगातार बनी हुई हैं।




