Latest News
मैच ग्रुप की नई पहल: टिंडर और हिंज पर स्क्रीनशॉट बंद, सुरक्षा के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन और I4C से हाथ मिलाया कोरबा में खूनी संघर्ष: रावण दहन देखने आए युवक की चाकू मारकर हत्या, तीन गिरफ्तार मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ऐतिहासिक रावणभाठा मैदान में आयोजित विजयादशमी उत्सव में हुए शामिल, आयोजन के लिए प्रतिवर्ष 10 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा की भाजयुमो राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा: छत्तीसगढ़ के भूपेंद्र नाग बने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, अनमोल झा को मिला सदस्य का पद छत्तीसगढ़ बीजेपी प्रभारी स्मृति ईरानी की नेताओं को सख्त हिदायत कोरबा: रावण दहन के बाद मुड़ापार में खूनी वारदात, चाकू के वार से युवक की मौत; जांच में जुटी पुलिस
Home » Uncategorized » कचना भूमि आवंटन विवाद: बीजेपी सह-संयोजक गोविंदा गुप्ता ने आरोपों को बताया बेबुनियाद, पेश किए आधिकारिक तथ्य

कचना भूमि आवंटन विवाद: बीजेपी सह-संयोजक गोविंदा गुप्ता ने आरोपों को बताया बेबुनियाद, पेश किए आधिकारिक तथ्य

Share:

रायपुर 5 अक्टूबर 2026: रायपुर के कचना-लाभांडी-सड्डू नगर विकास योजना में भूमि आवंटन को लेकर उठ रहे सवालों और आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ के प्रदेश मीडिया सह-संयोजक गोविंदा गुप्ता ने स्थिति स्पष्ट करते हुए प्रेस बयान जारी किया है। उन्होंने उपलब्ध दस्तावेजों और आधिकारिक प्लानिंग का हवाला देते हुए विपक्षी दावों और आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।

मुख्य बिंदु और विस्तृत जानकारी:

  • सड्डू में नहीं, कचना में ही मिला भूखंड: गोविंदा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि कचना-लाभांडी-सड्डू नगर विकास योजना के तहत जिन भूमि स्वामियों की मूल जमीन ग्राम कचना में थी, उन्हें प्रस्तावित भूखंड कचना में ही दिया गया है, न कि सड्डू में। कचना की जमीन के बदले सड्डू में आवंटन का दावा उपलब्ध दस्तावेजों से मेल नहीं खाता है।

  • 45 मीटर चौड़ी सड़क का मामला: जिस प्लॉट को 45 मीटर चौड़ी सड़क से जोड़कर ‘विशेष लाभ’ देने की बात कही जा रही है, उस मार्ग पर अकेला वही प्लॉट नहीं है। टाउन प्लानिंग के मानकों के अनुसार 45 मीटर चौड़े मार्ग पर कुल 37 भूखंड प्रस्तावित किए गए हैं। योजना के नियमानुसार बड़े भूखंडों को चौड़े मार्ग से जोड़ा गया है, जिसके आधार पर प्लॉट नंबर 25 भी इस मार्ग से जुड़ा है।

  • खसरा नंबरों पर उठ रहे सवाल: खसरा नंबर 658/2 के साथ-साथ खसरा नंबर 684/1, 684/5 और 681/1 की मूल जमीन के बदले भी प्लॉट नंबर 26 और 37 प्रस्तावित किए गए हैं। बीजेपी सह-संयोजक के अनुसार, किसी एक प्लॉट को अलग करके देखने के बजाय पूरी टाउन प्लानिंग और अन्य भूखंडों के साथ उसकी तुलना की जानी चाहिए।

  • सार्वजनिक सुविधाओं के लिए जमीन का निर्धारण: इस विकास योजना में केवल भूखंडों का पुनर्गठन नहीं किया गया है, बल्कि सड़क, एमेनिटी और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) जैसी जनसुविधाओं का भी प्रावधान है। उदाहरण के तौर पर, प्लॉट नंबर 26 की मूल भूमि पर STP तथा प्लॉट नंबर 30 की मूल भूमि पर सड़क एवं सार्वजनिक सुविधाओं का प्रावधान किया गया है।

  • समान नीति और निष्पक्षता का दावा: नगर विकास योजना का प्रारंभिक नोटिफिकेशन 5 दिसंबर 2025 को हुआ था, जिसके बाद 11 सितंबर 2026 को योजना का प्रारूप नक्शा प्रकाशित किया गया था। योजना में सभी प्रभावित किसानों और भू-स्वामियों के लिए एक समान नीति और निर्धारित प्लानिंग मानक लागू किए गए हैं।

गोविंदा गुप्ता ने अंत में कहा कि बिना पूरी योजना और समान भूखंडों की स्थिति देखे किसी एक प्लॉट को विशेष लाभ या घोटाले से जोड़ना पूरी तरह से अनुचित और भ्रामक है।