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मिड-एयर अटैक: फ्लाईदुबई के जांबाज कैप्टन स्मित की आपबीती, जब पत्नी सोनल ने कहा—’मैं पूरी तरह टूट चुकी थी, लेकिन उनके साहस ने जगाई उम्मीद’

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दुबई-तेल अवीव/अबू धाबी 3 अक्टूबर 2026: 30 सितंबर को आसमान में जब फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 अचानक कई हजार फीट नीचे गिरने लगी, तब 180 जिंदगियों की डोर सिर्फ एक इंसान के हौसले पर टिकी थी। कॉकपिट के अंदर सह-पायलट के खौफनाक हमले और खून से लथपथ होने के बावजूद कैप्टन स्मित मछार ने जिस जांबाजी का परिचय दिया, उसने न केवल यात्रियों को सुरक्षित जमीन पर उतारा, बल्कि हर किसी के दिल में साहस की नई मिसाल कायम की।

घटना के बाद जहाँ एक ओर पूरा देश स्मित के जज्बे को सलाम कर रहा है, वहीं उनके परिवार के लिए ये दिन किसी बुरे सपने से कम नहीं थे। अबू धाबी के अस्पताल में भर्ती स्मित से मुलाकात के बाद उनकी पत्नी सोनल मछार ने उस भयावह पल और अपने दर्द को साझा किया है।

‘जब खबर मिली तो दिमाग ने काम करना बंद कर दिया था’

मुंबई की रहने वाली सोनल मछार ने उस खौफनाक पल को याद करते हुए बताया कि जब उन्हें पहली बार पति पर कॉकपिट के भीतर हमले की सूचना मिली, तो वह गहरे सदमे में चली गई थीं।

“मैं बुरी तरह टूट गई थी। उस वक्त मेरे भीतर इतनी मानसिक क्षमता भी नहीं बची थी कि समझ सकूँ कि इस खबर पर क्या प्रतिक्रिया दूँ,” सोनल ने बताया।

उन्होंने कहा कि अनिश्चितता और घबराहट के उन मुश्किल घंटों में दोस्तों, करीबियों और परिवार के संबल ने उन्हें संभाला। बाद में जब अधिकारियों ने पुष्टि की कि स्मित की हालत स्थिर है, तब जाकर परिवार ने राहत की सांस ली।

अस्पताल में मुलाकात और इलाज पर भरोसा

गुरुवार (1 अक्टूबर) को सोनल अबू धाबी के सैन्य अस्पताल पहुँचीं, जहाँ स्मित का इलाज चल रहा है। पति को देखने के बाद सोनल के चेहरे पर थोड़ी तसल्ली लौटी।

उन्होंने कहा:

  • उत्कृष्ट देखभाल: यूएई के शीर्ष विशेषज्ञ डॉक्टर और सैन्य चिकित्सा टीम स्मित की रिकवरी में जुटी है।

  • सही हाथों में सुरक्षा: “गुरुवार को उनसे मिलने के बाद मुझे पूरा भरोसा हुआ कि वह सही हाथों में हैं और उनकी बहुत अच्छी देखभाल की जा रही है।”

  • एकमात्र प्राथमिकता: सोनल ने कहा कि फिलहाल उनकी पहली और आखिरी प्राथमिकता स्मित को जल्द से जल्द पूरी तरह स्वस्थ कर घर वापस लाना है।

‘नेतान्याहू से बात करने के लिए स्मित ही सही इंसान हैं’

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू द्वारा कैप्टन स्मित से बातचीत की इच्छा जताए जाने के सवाल पर सोनल ने बहुत ही व्यावहारिक जवाब दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब स्मित शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह सहज महसूस करेंगे, तब वह खुद प्रधानमंत्री नेतन्याहू से बात करेंगे। वह खुद इस बातचीत के लिए सही व्यक्ति हैं।

‘जमीन की तरफ भागते प्लेन को बचाने की जंग’: पीएम मोदी से स्मित की बात

शुक्रवार को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद फोन कर घायल कैप्टन स्मित मछार का हालचाल जाना और उनके अदम्य साहस की सराहना की।

प्रधानमंत्री से बातचीत में स्मित ने उस भयानक मंजर की परतें खोलीं:

  1. हमला और नियंत्रण खोना: कुल्हाड़ी से हुए हमले के बाद स्मित लहूलुहान होकर कॉकपिट के फर्श पर गिर पड़े थे।

  2. अनुभव ने बचाया: 17 साल का फ्लाइंग अनुभव उनके काम आया। शरीर पर गंभीर चोटों के बावजूद उन्हें तुरंत अहसास हो गया कि विमान तेजी से नीचे की ओर गोता लगा रहा है।

  3. यात्रियों की सुरक्षा का संकल्प: स्मित ने बताया कि चोट से तड़पने के दौरान भी उनके दिमाग में बस एक ही बात कौंध रही थी—“मैं अपनी जान बचाने के साथ-साथ इन 180 यात्रियों को किसी भी कीमत पर मरने नहीं दे सकता।”

  4. दरवाजा खोलने का प्रयास: गंभीर जख्मों के बावजूद स्मित ने किसी तरह कॉकपिट का डिजिटल लॉक अनलॉक किया, जिससे बाहर मौजूद क्रू और यात्रियों को अंदर आने का रास्ता मिला।

30 सितंबर को कॉकपिट में क्या हुआ था?

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में बीच हवा में उस वक्त हड़कंप मच गया जब सह-पायलट ने अचानक कुल्हाड़ी से कैप्टन स्मित मछार पर हमला कर दिया।

  • इमरजेंसी लैंडिंग: स्मित द्वारा कॉकपिट का दरवाजा खोलते ही क्रू और मुसाफिरों ने कॉकपिट में घुसकर हमलावर को काबू में किया।

  • सुरक्षित बचाए गए 180 लोग: इसके बाद बाकी दो पायलटों ने प्लेन का कंट्रोल संभाला और सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर विमान की सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई।

  • जांच जारी: विमान में मौजूद सभी 180 लोग सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए। फिलहाल इस जानलेवा हमले की मंशा और सुरक्षा में चूक की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जांच की जा रही है।

सोनल और स्मित का सफर: 2013 की सगाई से आज तक

मुंबई की रहने वाली सोनल जोगी और स्मित मछार की खूबसूरत प्रेम कहानी साल 2013 में शुरू हुई थी:

  • सगाई और शादी: दोनों ने 1 मई 2013 को सगाई की, जिसके बाद धूमधाम से शादी संपन्न हुई।

  • साथ बिताए हसीन पल: शादी के बाद दोनों ने थाईलैंड में अपना हनीमून मनाया। सोनल ने दिसंबर 2016 में दुबई के बुर्ज खलीफा से अपनी और स्मित की खूबसूरत यादें सोशल मीडिया पर साझा की थीं।

  • मुकम्मल परिवार: समय के साथ उनके जीवन में नन्हे मेहमान की किलकारियां गूंजीं, जिसने उनके परिवार को पूरा किया।

सोनल का कहना है कि देश-विदेश से मिल रही अनगिनत दुआएं और प्यार ही इस मुश्किल घड़ी में उनका सबसे बड़ा सहारा बने हुए हैं।