मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश) 11 जुलाई : मुरादाबाद के डिलारी थाना क्षेत्र के मलकपुर सेमली गांव में शुक्रवार दोपहर एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। रामगंगा नदी के किनारे धान की रोपाई कर रहे एक किसान के 8 वर्षीय बेटे आयुष पर गन्ने के खेत से निकले तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया। तेंदुआ मासूम को अपने जबड़े में दबोचकर खींचने लगा, लेकिन पिता की बहादुरी और सूझबूझ से बच्चे की जान बच गई।
Advt

पिता की बहादुरी ने टाला बड़ा हादसा
मलकपुर सेमली निवासी किसान महेंद्र सिंह शुक्रवार सुबह करीब 11:30 बजे अपने बेटे आयुष के साथ खेत में धान की रोपाई करने गए थे। उन्होंने आयुष को खेत की मेढ़ पर बैठा दिया था। इसी दौरान पास के गन्ने के खेत से निकले तेंदुए ने मासूम को दबोच लिया।
बेटे की चीख सुनते ही महेंद्र सिंह बिना डरे उसकी तरफ दौड़े और हाथ में लिए फावड़े से तेंदुए पर हमला कर दिया। पिता के आक्रामक रूप को देखकर तेंदुआ बच्चे को छोड़कर वापस गन्ने की फसल में भाग निकला। शोर सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे अन्य ग्रामीण भी मौके पर जुट गए। गंभीर रूप से घायल आयुष को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसका इलाज जारी है।
रामगंगा खादर क्षेत्र में दहशत का माहौल
इस घटना के बाद से पूरे इलाके में खौफ का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि:
-
रामगंगा खादर क्षेत्र में तेंदुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है।
-
तेंदुए अब तक सैकड़ों पालतू पशुओं को अपना शिकार बना चुके हैं।
-
क्षेत्र में अब तक 20 से अधिक लोगों पर तेंदुए के हमले हो चुके हैं।
ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि तेंदुए को जल्द से जल्द पकड़कर इलाके को सुरक्षित किया जाए।
वन विभाग की कार्रवाई और चेतावनी
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी रवि कुमार गंगवार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और तेंदुए की खोजबीन शुरू की, हालांकि उसका कोई सुराग नहीं मिल सका।
वन विभाग की अपील: क्षेत्रीय अधिकारी ने बताया कि ग्रामीणों को लगातार जागरूक किया जा रहा है कि वे वन्यजीव बाहुल्य क्षेत्रों में छोटे बच्चों को खेतों पर साथ न लाएं। लापरवाही की वजह से ऐसी घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि तेंदुए को पकड़ने के लिए क्षेत्र में जल्द ही पिंजरा लगाया जाएगा।
📍




