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मानिकपुर खदान विस्तार: पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल की SECL को दो टूक, ‘हक नहीं मिला तो होगा बड़ा आंदोलन’

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कोरबा 14 अप्रैल : मानिकपुर खदान विस्तार परियोजना को लेकर स्थानीय राजनीति और जन-आक्रोश अब उग्र होता नजर आ रहा है। पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए चेतावनी दी है कि यदि प्रभावित ग्रामीणों के हितों की अनदेखी की गई, तो क्षेत्र में व्यापक जनआंदोलन छेड़ा जाएगा।

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वादे और हकीकत के बीच फंसा विस्थापन SECL के सीएमडी को लिखे पत्र में अग्रवाल ने भिलाई खुर्द (1, 2, 3) सहित आसपास के गांवों की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि पूर्व में 80 एकड़ भूमि अधिग्रहण के दौरान रोजगार देने का जो वादा किया गया था, वह आज भी अधूरा है। अब पुनः 60 एकड़ अतिरिक्त जमीन अधिग्रहण की तैयारी ने ग्रामीणों के बीच असंतोष की आग को और भड़का दिया है।

सर्वे और मुआवजे पर गंभीर आरोप पूर्व मंत्री ने मुआवजे की प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और प्रशासनिक संवेदनहीनता के आरोप लगाए हैं:

  • पुराना सर्वे: आरोप है कि SECL पुराने ड्रोन सर्वे के आधार पर मूल्यांकन कर रहा है, जिससे हाल के वर्षों में बने नए मकानों को मुआवजे की सूची से बाहर रखा जा रहा है।

  • रोजगार की अनदेखी: स्थानीय शिक्षित युवाओं को स्थायी रोजगार देने के मामले में प्रबंधन का रवैया उदासीन बना हुआ है।

  • पुनः सर्वे की मांग: जयसिंह अग्रवाल ने मांग की है कि नए मकानों का भौतिक सत्यापन और पुनः सर्वे किया जाए ताकि किसी को आर्थिक नुकसान न हो।

प्रबंधन को अंतिम चेतावनी अग्रवाल ने मांग की है कि प्रभावित परिवारों को वर्तमान बाजार दर पर मुआवजा दिया जाए और कोरबा महाप्रबंधक को ग्रामीणों के साथ सीधा संवाद स्थापित करने के निर्देश दिए जाएं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में होने वाली किसी भी जन-अशांति और विरोध की पूर्ण जिम्मेदारी SECL प्रबंधन की होगी ।

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